बिहार के लखीसराय जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) री-एग्जाम के दौरान अन्य उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने के आरोप में 9 लोगों को गिफ्तार किया गया है. बायोमेट्रिक अटेंडेंस रिकॉर्ड करने के दौरान ये लोग पकड़ में आए. जिसके बाद पुलिस में इनकी शिकायत की गई. वहीं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस मामले में बिहार पुलिस से जानकारी मांगी है. सूत्रों के अनुसार लखीसराय में पकड़े गए कथित पेपर सॉल्विंग गैंग के बारे में NTA ने पुलिस से जानकारी मांगी है.
NTA बिहार पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहा है. सूत्रों के अनुसार CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और डिजिटल फुटप्रिंट्स पर नज़र रखी जा रही है. NTA सूत्रों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पूरे नेटवर्क का जल्द होगा खुलासा
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रेरणा कुमार ने बताया कि पकड़े गए लोगों का पंजीकृत अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में शामिल होने का संदेह है. संबंधित परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है. एसपी ने बताया कि पुलिस इस कथित गिरोह से जुड़े 10 से 12 अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है. जिनमें बायोमेट्रिक ऑपरेटर और बिचौलिए भी शामिल हैं. वहीं एजीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि नीट परीक्षा के दौरान कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिनमें से 9 लोग अन्य छात्रों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. जांच की जा रही है और इसके पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा जल्द किया जाएगा.
हैदराबाद में भी की गई नकल की कोशिश
रविवार को हुई नीट-यूजी परीक्षा के दौरान नकल की कोशिश करने के कई मामले सामने आए हैं. हैदराबाद में 18 वर्षीय छात्र को कथित तौर पर नकल करने के आरोप में पकड़ा गया है.आरोपी छात्र को शौचालय के अंदर अपने मोबाइल फोन पर आंसर खोजते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था.
ये भी पढ़ें- NTA ने जारी की CUET UG 2026 की फाइनल आंसर की, 7 सवालों को हटाया गया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं