महाराष्ट्र सरकार ने नर्सिंग स्टूडेंट्स के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार 10 नए सरकारी BSc नर्सिंग कॉलेज खोलने जा रही है. इसके साथ ही, पहले से चल रहे पांच कॉलेजों में सीटों की संख्या दोगुनी की जाएगी और आठ जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) स्कूलों को BSc नर्सिंग कॉलेजों में बदला (अपग्रेड किया) जाएगा. इसकी जानकारी हेल्थ एजुकेशन मिनिस्टर हसन मुश्रीफ ने बुधवार को विधानसभा में दी है.
मंत्री हसन मुश्रीफ ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरतों की वजह से कुशल नर्सों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी मांग को पूरा करने के लिए सरकार नर्सिंग शिक्षा का विस्तार कर रही है. उन्होंने इस संबंध में अपने विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेश (GR) का हवाला भी दिया.
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में महाराष्ट्र में 2,17,640 रजिस्टर्ड नर्सें थीं. इसके बावजूद, सरकारी मेडिकल कॉलेजों, उनसे जुड़े अस्पतालों और प्राइवेट हेल्थकेयर सेंटर्स में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह संख्या काफी नहीं थी. ऐसे में आइए जानते हैं किन जिलों में 10 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं...
इन जिलों में खुलेंगे 10 नए कॉलेजमंत्री ने बताया कि जो 10 नए सरकारी BSc नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे, उनमें से हर एक कॉलेज में 100 छात्रों को दाखिला मिलेगा.
ये कॉलेज चंद्रपुर, सिंधुदुर्ग, यवतमाल, अलीबाग (रायगढ़), रत्नागिरी, अमरावती, धाराशिव, गढ़चिरौली, पालघर और अहिल्यानगर जिलों में शुरू होंगे. सरकारी आदेश (GR) के मुताबिक, इन नए कॉलेजों के कैपिटल खर्च के लिए 334.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इनमें से तीन कॉलेजों- यवतमाल, चंद्रपुर और सिंधुदुर्ग को केंद्र सरकार की नर्सिंग शिक्षा योजना के तहत आर्थिक मदद भी मिलेगी.
GNM स्कूल भी होंगे अपग्रेडइस नए फैसले के मुताबिक मुंबई के जीटी (GT) हॉस्पिटल और सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के अलावा धुले, सोलापुर, अंबाजोगई (बीड), अकोला, नागपुर और सांगली में चल रहे आठ सरकारी GNM स्कूलों को अब BSc नर्सिंग कॉलेजों में बदला जाएगा. इन सभी कॉलेजों में हर साल 100-100 छात्रों को एडमिशन मिल सकेगा. केंद्र सरकार की योजना के तहत इन कॉलेजों को अपग्रेड करने के लिए 7-7 करोड़ रुपये की मदद मिलेगी.
सीटें भी बढ़ाई गईंइसके अलावा, मुंबई, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और नांदेड़ में पहले से चल रहे सरकारी BSc नर्सिंग कॉलेजों में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है. इसके लिए जरूरी सुविधाओं और इक्यूपमेंट (equipment) के लिए करीब 68.43 करोड़ रुपये की मंजूर मिली हैं.
टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों को भी मिली मंजूरीइस पूरे विस्तार प्लान के लिए सरकार ने कुल 558.71 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. केंद्रीय मदद को मिलाकर राज्य सरकार अपने बजट से 491.91 करोड़ रुपये खर्च करेगी. साथ ही, हर साल होने वाले 12.58 करोड़ रुपये के खर्च और नए टीचिंग व नॉन-टीचिंग पदों को भी मंजूरी दे दी गई है.
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