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Success Story: सुनाई नहीं देता था तो हर इंटरव्यू में हुई रिजेक्ट, अब 1000 महिलाओं को कर रही हैं लीड

Success Story: नागपुर की कृतिका धुंडे ने रिजेक्शन को अपनी ताकत बनाया और आज साइन लैंग्वेज के जरिए हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं. उन्होंने बार-बार रिजेक्ट होने के बाद भी हार नहीं मानी और आज एक मिसाल बन चुकी हैं.

Success Story: सुनाई नहीं देता था तो हर इंटरव्यू में हुई रिजेक्ट, अब 1000 महिलाओं को कर रही हैं लीड
Success Story: महिला ने खुद को किया साबित

खामोशी में भी एक कहानी होती है और जब वो कहानी दुनिया तक पहुंचती है तो असर शब्दों से कहीं ज्यादा गहरा होता है. नागपुर की कृतिका धुंडे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहां इंटरव्यू में बार-बार रिजेक्शन मिलने वाली एक लड़की आज हजारों लोगों के लिए इंस्पिरेशन बन चुकी है. कभी बातचीत की कमी उनके लिए दीवार बन जाती थी, लेकिन आज वही साइन लैंग्वेज उनके लिए पहचान बन गई है. उनकी जर्नी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती, जहां संघर्ष, इमोशन और सक्सेस तीनों का जबरदस्त मेल देखने को मिलता है.

जब इंटरव्यू में टूटता था कॉन्फिडेंस

साल 2023 में जब कृतिका नौकरी ढूंढ रही थीं, तब हर इंटरव्यू उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आता था, लेकिन जल्दी ही खत्म भी हो जाता था. वजह ये नहीं थी कि उनमें टैलेंट की कमी थी, बल्कि सामने वाले लोग समझ ही नहीं पाते थे कि उनसे कैसे बात करें. ये बार-बार का अनुभव उन्हें अंदर से तोड़ सकता था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी ताकत बना लिया.

स्कूल के दिन भी नहीं थे आसान

कृतिका का बचपन भी चुनौतियों से भरा रहा. स्कूल में ज्यादातर लोग साइन लैंग्वेज नहीं जानते थे, इसलिए उन्हें पढ़ाई समझने के लिए अलग तरीके अपनाने पड़ते थे. कभी लिखकर, कभी होंठ पढ़कर तो कभी इशारों से. लेकिन इन्हीं मुश्किलों ने उन्हें मजबूत और धैर्यवान बनाया.

परिवार ने कभी हारने नहीं दिया

हर मुश्किल वक्त में उनके परिवार ने उनका साथ दिया. उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें ये एहसास दिलाया कि वो किसी से कम नहीं हैं. यही सपोर्ट उनकी सबसे बड़ी ताकत बना और उन्होंने खुद पर भरोसा करना नहीं छोड़ा.

एक मौका जिसने बदल दी कहानी

ऑनलाइन सर्च के दौरान कृतिका एक महिला नेटवर्क से जुड़ीं. शुरुआत में उन्हें समझने के लिए कैप्शन और स्लो बातचीत की जरूरत पड़ती थी. लेकिन धीरे-धीरे टीम ने भी साइन लैंग्वेज सीखनी शुरू कर दी. यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया.

अब बन चुकी हैं हजारों की लीडर

आज कृतिका 1000 से ज्यादा डेफ महिलाओं के नेटवर्क को लीड कर रही हैं. ये महिलाएं अलग-अलग तरीकों से कमाई कर रही हैं और पहली बार आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं. कुछ महिलाएं हर महीने अच्छी खासी इनकम भी कमा रही हैं.

सोशल मीडिया बना नई आवाज

कृतिका ने इंस्टाग्राम पर साइन लैंग्वेज में वीडियो बनाना शुरू किया. उनके वीडियो तेजी से लोगों तक पहुंचे और लोगों को ये समझ आया कि कम्युनिकेशन सिर्फ बोलने तक सीमित नहीं है.

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