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JOSSA 2026 Analysis: IITs में Electrical Engineering क्यों बनी छात्रों की पसंदीदा ब्रांच?

इस समिति में ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, पूर्व IB प्रमुख तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं.

JOSSA 2026 Analysis: IITs में Electrical Engineering क्यों बनी छात्रों की पसंदीदा ब्रांच?
अगर किसी छात्र का सपना IIT बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर या मद्रास में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या सिविल इंजीनियरिंग जैसी कोर ब्रांच में दाखिला लेने का है, तो उसे JEE Advanced में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा.

JOSAA Counselling 2026 के तहत देश के 23 IIT और IISc Bengaluru की कुल 18,951 BTech, इंटीग्रेटेड MTech और डुअल डिग्री सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. सीट आवंटन के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले शिक्षा विशेषज्ञ देव शर्मा का कहना है कि कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के बढ़ते दौर के बावजूद IITs में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी कोर ब्रांचों का आकर्षण बरकरार है.

इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि IIT बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर और मद्रास जैसे देश के शीर्ष IITs में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की सीटें बहुत कम रैंक पर ही भर गईं. इन चारों संस्थानों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में दाखिला पाने के लिए छात्रों को JEE Advanced 2026 की कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में टॉप 1171 रैंक के भीतर जगह बनानी पड़ी.

क्यों बनी हुई है इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की मांग?

देव शर्मा के मुताबिक, IITs (बॉम्बे/दिल्ली/कानपुर तथा मद्रास) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों के लिए पावर, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैकेज पर करियर अवसर उपलब्ध रहते हैं. इसके अलावा ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और नई तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की मांग लगातार बनी रहती है.

 यही कारण है कि स्टूडेंट्स एवं पेरेंट्स में कंप्यूटर साइंस, डाटा-इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल-इंटेलिजेंस के इलेक्ट्रिकल-इंजीनियरिंग का क्रैज आज भी बरकरार है.

IIT बॉम्बे में 411 रैंक पर भर गईं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की सीटें

JOSAA Counselling 2026 के आंकड़ों के अनुसार, IIT बॉम्बे में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की सभी सीटें CRL 411 तक आवंटित हो गई थीं. इससे साफ है कि इस ब्रांच के लिए छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही.

IITs की कोर ब्रांचों का कटऑफ

IIT बॉम्बे

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

175 से 411 रैंक

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

380 से 1900 रैंक

सिविल इंजीनियरिंग

385 से 4417 रैंक

IIT दिल्ली

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

428 से 612 रैंक

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

861 से 2205 रैंक

सिविल इंजीनियरिंग

179 से 4901 रैंक

IIT कानपुर

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

616 से 1171 रैंक

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

2320 से 3178 रैंक

सिविल इंजीनियरिंग

5010 से 7177 रैंक

IIT मद्रास

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

231 से 749 रैंक

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

543 से 2619 रैंक

सिविल इंजीनियरिंग

4450 से 6225 रैंक

देव शर्मा ने बताया जोसा-काउंसलिंग,2026 के सीट-आवंटन के आंकड़ों से स्पष्ट है कि आईआईटी बॉम्बे/दिल्ली/कानपुर और मद्रास की कोर-ब्रांचेस इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल व सिविल में से किसी ब्रांच विशेष में प्रवेश के लिए टॉप-6225 रैंकर्स में जगह बनानी जरूरी है.

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