Kargil Vijay Diwas 2026: आज कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है. 26, जुलाई, 1999 में आज ही के दिन भारत ने कारगिल युद्ध में जीत हासिल की थी और पाकिस्तान को इस युद्ध में बुरी तरह से हराया था. ये दिन 'ऑपरेशन विजय' की सफलता का प्रतीक भी है. आज के दौर में भारतीय सेना पहले से काफी आधुनिक हो गई है. सेना ने अपनी युद्ध रणनीति में आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता दी है. पिछले दो दशकों में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदला है. आज भारतीय सेना केवल हथियारों पर ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी से पूरी तरह 'टेक-एनेबल्ड' बन रही है. सेना आधुनिक तकनीक को बखूबी से अपना रही है. ऐसे में युवाओं के लिए सेना में हाई-टेक करियर के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
AI और ड्रोन बना सेना का हथियार
आधुनिक युद्ध में ड्रोन काफी महत्वपूर्ण हाथियार साबित हो रहा है. ये दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करता है. यहां तक की राहत एवं बचाव कार्य और सटीक ऑपरेशन में काफी मददगार साबित होता है. वहीं AI की मदद से डेटा विश्लेषण और खतरों की पहचान करने में मदद मिल रही है. आज के दौर में सेना में तकनीकी विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है.
| सेना में किन क्षेत्रों में बन सकता है करियर? |
| AI और मशीन लर्निंग |
| ड्रोन टेक्नोलॉजी |
| साइबर सिक्योरिटी |
| इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन |
| कंप्यूटर साइंस और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग |
| सिग्नल्स और तकनीकी शाखाएं |
| रोबोटिक्स |
भारतीय सेना में तकनीकी पदों की नौकरी पाने के लिए कई रास्ते हैं. इंजीनियरिंग और साइंस बैकग्राउंड वाले युवाओं के लिए भारतीय सेना में टेक्निकल ग्रेजुएट स्कीम (TGS), डायरेक्ट एंट्री और एसएससी के माध्यम से प्रवेश के बेहतरीन अवसर हैं. युवा कोर ऑफ सिग्नल (साइबर/कम्युनिकेशन), EME (इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स) और AAD (आर्मी एयर डिफेंस) जैसी तकनीकी शाखाओं में शामिल हो सकते हैं.
सेना में किस तरह से मिलेगी एंट्री?
- 12वीं के बाद National Defence Academy का एग्जाम क्रैक करके सेना के साथ जुड़ा जा सकता है और सेना अधिकारी का पद पाया जा सकता है.
- साइंस के छात्र Technical Entry Scheme (TES) के जरिए भी सेना में एंट्री पा सकते हैं.
- ग्रेजुएशन के बाद Combined Defence Services (CDS) परीक्षा को पास कर सेना में शामिल होने का रास्ता खुल जाता है.
- इसके अलावा सेना की विभिन्न तकनीकी शाखाओं में समय-समय पर कई भर्तियां निकलती हैं.
कौन-सी पढ़ाई होगी फायदेमंद?
आपका सपना सेना की तकनीकी शाखा में शामिल होने का है, तो अभी से अपना फोकस इसपर बना लें. सेना के तकनीकी शाखा में शामिल होने के लिए 12वीं की पढ़ाई साइंस में करें. वहीं 12वीं के बाद नीचे बताए गए कोर्स भी आप कर सकते हैं. इन कोर्स की मदद से सेना में नौकरी मिलने में आसानी होगी.
- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
- रोबोटिक्स
- डेटा साइंस
- इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
- साइबर सिक्योरिटी
सिविलियन इंजीनियर्स और iDEX योजना
भारतीय सेना में 'टेक-एनेबल्ड', सिविलियन इंजीनियर्स और स्टार्टअप्स के लिए बड़े दरवाजे खुले हैं. रक्षा मंत्रालय की 'इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस' (iDEX) योजना के तहत देश के टेक-स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और युवा इंजीनियर्स को सेना की जरूरतों के मुताबिक उपकरण विकसित करने के लिए अनुदान व प्रोजेक्ट्स दिए जा रहे हैं, जिससे स्टार्टअप्स को कमाई और देश सेवा दोनों का मंच मिल रहा है.
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