IIT रुड़की के बाद अब IIT मद्रास में जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने पर चेतावनी दी गई है. एक छात्र संगठन का आरोप है कि आईआईटी के कुछ बड़े अधिकारियों की तरफ से उन्हें NEET-UG और UGC-NET में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बनाया गया एक इंस्टाग्राम वीडियो डिलीट करने को कहा गया. इसके अलावा जब छात्रों ने कैंपस में जंतर-मंतर प्रदर्शन के सपोर्ट में एक शांतिपूर्ण सभा करने की कोशिश की तो उन्हें माहौल बिगड़ने का हवाला देकर इजाजत देने से इनकार कर दिया गया.
छात्रों ने बुलाई थी सभा
आईआईटी मद्रास में कुछ छात्रों ने मिलकर एक सभा करने का फैसला किया था. छात्र संगठन 'चिंताबार' ने 20 जुलाई को एक शांतिपूर्ण सभा आयोजित करने की इजाजत मांगी थी, जो देश में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के पेपर लीक और इससे प्रभावित छात्रों के समर्थन में थी. इसे लेकर प्रशासन को मेल किया गया था और ये भी बताया गया कि इस सभा के दौरान सभी नियमों का पालन किया जाएगा और पढ़ाई पर भी असर नहीं पड़ेगा.
प्रशासन ने वीडियो हटाने के लिए कहा
संगठन से जुड़े छात्रों का आरोप है कि इजाजत मांगने के बाद उनके पदाधिकारियों को डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. सत्यनारायण एन गुम्मडी से मिलने के लिए बुलाया गया. इस दौरान डीन ने उनसे वो इंस्टाग्राम वीडियो हटाने को कहा जो, 17 जुलाई को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में पोस्ट किया गया था. इसके साथ ही उन्होंने सभा की इजाजत देने से भी साफ इनकार कर दिया और कहा कि IIT मद्रास छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्र सरकार के साथ अपने संबंधों को खराब नहीं करना चाहता.
प्रशासन की तरफ से दिए गए इन निर्देशों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए छात्रों को बताया गया और आखिरकार वीडियो हटा दी गई. इस वीडियो में IIT मद्रास के छात्र हाथों में तख्तियां लिए पेपर लीक और परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाते नजर आ रहे थे. अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और छात्र इसे गलत बता रहे हैं.
IIT मद्रास का जवाब आना बाकी
इस मामले को लेकर आईआईटी मद्रास की तरफ से फिलहाल कोई भी जवाब नहीं दिया गया है. संस्थान की तरफ से अगर कोई जवाब आता है तो उसे इस आर्टिकल में अपडेट किया जाएगा.
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