IIT कानपुर से अब तक इंजीनियरिंग की डिग्री तो मिलती ही थी, लेकिन अब संस्थान मेडिकल डिग्री भी देने जा रहा है. आईआईटी कानपुर के 'गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी' के तहत ये बड़ा कदम उठाने जा रहा है. संस्थान की तरफ से बताया गया है कि जल्द ही एमबीबीएस से लेकर एमडी और एमएस जैसी सुपर-स्पेशलिटी मेडिकल डिग्रियां शुरू करने की तैयारी है. इससे पहले संस्थान के डायरेक्टर की तरफ से भी इस बात का ऐलान किया गया था, जिसके बाद आईआईटी से मेडिकल की डिग्री मिलने को लेकर काफी चर्चा हुई थी.
IIT में क्यों शुरू हो रही मेडिकल की पढ़ाई?
इस फैसले को लेकर गंगवाल स्कूल के डीन, प्रोफेसर संजय लालवानी ने बताया कि इसका मकसद इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस को एक साथ लाकर हेल्थकेयर के क्षेत्र में आधुनिक रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना है. संस्थान के कैंपस में एक 500 बेड वाला सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जो छात्रों के प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और मरीजों के इलाज के काम आएगा. IIT कानपुर का मानना है कि मेडिकल छात्रों को सिर्फ पारंपरिक चिकित्सा ही नहीं, बल्कि मेडिकल डिवाइसेस, एआई (AI) और आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ ट्रेनिंग दी जाएगी.
ये कोर्स शुरू करने की तैयारी
- अंडरग्रेजुएट कोर्स में MBBS की डिग्री
- पोस्टग्रेजुएट (PG) में MD और MS की डिग्री
- सुपर-स्पेशलिटी में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन और MCh
मंजूरी का है इंतजार
आईआईटी कानपुर में मेडिकल कोर्सेस को लेकर अभी मंजूरी नहीं मिली है. तमाम जरूरी चीजें पूरी होने के बाद मेडिकल कोर्स के लिए एडमिशन शुरू हो जाएंगे. यानी इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ मेडिकल के छात्र भी एक ही संस्थान से पढ़ाई करेंगे. माना जा रहा है कि इस पूरे काम में अभी कुछ साल का वक्त लग सकता है. IIT कानपुर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, यहां एडमिशन लेने के लिए हर साल लाखों छात्र जेईई देते हैं, जिनमें से कुछ ही छात्रों को ये मौका मिल पाता है.
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