IIT दिल्ली में हुई एक छात्र की मौत के बाद छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस मामले को लेकर एक कमेटी बनाई गई है, जो मौत के पीछे की वजहों का पता लगाएगी. इसी बीच अब आईआईटी दिल्ली की तरफ से क्रेडिट लोड को हल्का किया गया है. 2025 में नया सेशन लागू होने के बाद से, पहले सेमेस्टर का क्रेडिट लोड हल्का किया गया है, लाइफ स्किल्स कोर्स जोड़े गए हैं और पहले साल की डिपार्टमेंटल क्लास 30-60 छात्रों तक सीमित की गई है ताकि छात्रों का तनाव कम हो सके. इसके अलावा वीकेंड में परीक्षाएं कम की गई हैं.
संस्थान की तरफ से शैक्षणिक सत्र 2024-25 से, B.Tech. डिग्री के लिए न्यूनतम CGPA की अनिवार्यता को हटा दिया गया है. ये संस्थान की तरफ से उठाया गया एक जरूरी कदम था.
क्रेडिट लोड का क्या मतलब है?
IIT में क्रेडिट रोल का मतलब क्लास, पढ़ाई और प्रैक्टिकल तीनों मिलाकर दिया जाता है. अगर आपने तीन घंटे की क्लास ली तो इसका मतलब है कि एक क्रेडिट रोल आपको मिला. माना कि किसी छात्र का एक सेमेस्टर में 20 क्रेडिट्स लोड है तो आपसे उम्मीद की जाती है कि पढ़ाई और असाइनमेंट मिलाकर एक हफ्ते में आपने करीब 60 घंटे तक पढ़ाई की है. अब पढ़ाई और प्रयोग का दबाव कम करने के लिए क्रेडिट लोड को हल्का किया जा रहा है.
मेंटरशिप और फैकल्टी के साथ बातचीत
स्टूडेंट-टीचर इंटरैक्शन काउंसिल (STIC) के मार्गदर्शन में, संस्थान हर सेमेस्टर में नियमित बैठकें आयोजित करता है. फैकल्टी खुले दरवाजे के ऑफिस आवर्स, प्रोजेक्ट गाइडेंस, हॉस्टल में भागीदारी और क्लास कमेटी फीडबैक के जरिए छात्रों से सक्रिय रूप से जुड़ते हैं.
छात्रों की मदद के लिए ये सुविधाएं
छात्रों के हित के लिए 24/7 काउंसलर, साइकियाट्रिस्ट (AIIMS/VIMHANS के विशेषज्ञों सहित) की टीम तैनात है. बाहरी देखभाल का पूरा खर्च संस्थान देता है, त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल है और एकेडमिक यूनिट वेलनेस कमेटियां (AUWC) हैं. UG Buddy प्रोग्राम, जो एक मेंटरशिप पहल है, को 2025 में PG Buddy और इंटरनेशनल Buddy प्रोग्राम तक बढ़ाया गया है, जबकि नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर वैल्यू एजुकेशन इन इंजीनियरिंग (NRCVEE), जो IIT दिल्ली की एक पहल है, ने 2001 से ही योग और ध्यान मॉड्यूल के जरिए दीर्घकालिक कल्याण को जोड़ा है.
छात्रों का प्रतिनिधित्व स्टूडेंट अफेयर्स काउंसिल (SAC) और को-करिकुलर एकेडमिक इंटरैक्शन काउंसिल (CAIC) से किया जाता है. शैक्षणिक चुनौतियों से निपटने के लिए, एकेडमिक प्रोग्रेस ग्रुप (APG) 2023 से शाम में ट्यूशन और क्रेडिट बैकलॉग में मदद कर रहा है.
शिकायत के भी कई तरीके
शिकायतों का प्रबंधन एक केंद्रीकृत, रेफरेंस-ट्रैक्ड ERP पोर्टल, बोर्ड फॉर स्टूडेंट वेलफेयर (BSW), विशेष SC/ST और OBC सेल, हॉस्टल वार्डन, आंतरिक शिकायत समिति और गोपनीय काउंसलिंग चैनलों के माध्यम से किया जाता है, जिससे पारदर्शी समाधान सुनिश्चित होता है. ऑफिस ऑफ डायवर्सिटी एंड इंक्लूजन (ODI) 2022 से पूरे कैंपस में गैर-भेदभाव और सुगमता कार्यक्रम चला रहा है. इसके साथ ही, फ्रेशर्स के लिए इनिशिएटिव फॉर जेंडर इक्विटी एंड सेंसिटाइजेशन (IGES), इनिशिएटिव फॉर कास्ट इक्विटी (ICE), ऑफिस ऑफ एक्सेसिबल एजुकेशन (OAE) आदि की तरफ से आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम, जाति, लिंग, भाषा, क्षेत्र और जातीयता में निहित और स्पष्ट पक्षपातों पर लक्षित संवेदनशीलता प्रशिक्षण प्रदान करते हैं.
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