Flinders University Bengaluru Campus: अगर आप विदेशी जाकर डिग्री लेने का सपना देख रहे हैं, तो अब यह सपना भारत में ही पूरा हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया की मशहूर फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी (Flinders University) अब भारत की सिलिकॉन वैली यानी बेंगलुरु में अपना इंटरनेशनल कैंपस खोलने जा रही है. यह बड़ा ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुआ है. इसे लेकर भारत की यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की तरफ से फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी को 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) सौंपा गया. इस बड़े ऐलान की जानकारी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने खुद दी. इस नई शुरुआत के बाद अब भारत में कैंपस खोलने वाली ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटीज की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है. आइए जानते हैं यह कैंपस कब से शुरू होगा और कब से क्लासेस चलेंगी.
बेंगलुरु में ही क्यों खुलेगा कैंपस
बेंगलुरु दुनिया का बड़ा टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर, बायोटेक और इनोवेशन हब है. यहां कैंपस होने से छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ बड़ी-बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप और नौकरी के बेहतरीन मौके (Placement Pathways) मिलेंगे. सिर्फ इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के छात्रों को भी इस कैंपस के जरिए भारत के बढ़ते बाजार और टेक्नोलॉजी को समझने का मौका मिलेगा.
कब से शुरू होगा कैंपस
बेंगलुरु में खुलने वाला यह हाई-टेक कैंपस शुरुआती 2027 (Early 2027) तक पूरी तरह शुरू हो जाएगा. इस कैंपस में अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) दोनों तरह के छात्रों को एडमिशन का मौका मिलेगा. शुरुआत में यहां उन कोर्सेज पर फोकस किया जाएगा जिनकी आज के समय में मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड है.
किन-किन कोर्स की पढ़ाई होगी
- बिजनेस
- कंप्यूटर साइंस
- इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
- मास्टर ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
- MBA (फ्यूचर बिजनेस)
पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एजुकेशन और नॉलेज सेक्टर में बढ़ रही पार्टनरशिप पर खुशी जताते हुए कहा, 'ऑस्ट्रेलिया हमेशा से भारतीय छात्रों के लिए हायर एजुकेशन का एक पसंदीदा डेस्टिनेशन रहा है. भारत में ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटीज जैसे डिकिन और वोलोंगोंग यूनिवर्सिटी के कैंपस खुलने से दोनों देशों की 'नॉलेज पार्टनरशिप' में एक ऐतिहासिक चैप्टर जुड़ा है. पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि दोनों देश भविष्य में भी छात्रों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे.'
फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने क्या कहा?
फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रोफेसर कॉलिन स्टर्लिंग ने इस मौके पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि 'भारत की मंजूरी मिलना यूनिवर्सिटी के लिए एक बड़ा और यादगार पल है. बेंगलुरु कैंपस के स्टूडेंट्स को वही क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी, जो ऑस्ट्रेलिया के कैंपस में दी जाती है, साथ ही उन्हें ग्लोबल एक्सपोजर और प्रोफेशनल नेटवर्क का भी फायदा मिलेगा.'
भारत के लिए यह कितनी बड़ी बात
यह पहल भारत की नई शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy) से भी जुड़ी है, जिसका मकसद विदेशी यूनिवर्सिटीज को भारत में कैंपस खोलने का मौका देना है. इससे पहले भी फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी का भारत के साथ पुराना नाता रहा है. केरल में इसके इंजीनियरिंग प्रोग्राम चल रहे हैं. गुजरात में यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च पर काम कर रही है. हैदराबाद यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर डिजिटल हेल्थकेयर के क्षेत्र में इसकी बड़ी पार्टनरशिप है.
Flinders ही नहीं इन यूनिवर्सिटीज के कैंपस भी खुलने वाले हैं
बेंगलुरु में सिर्फ फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी ही नहीं आ रही है. भारत की टॉप रैंक वाली ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटी UNSW भी जल्द ही अपना बेंगलुरु कैंपस शुरू करने वाली है. वहीं, विक्टोरिया यूनिवर्सिटी (Victoria University) को दिल्ली कैंपस में स्टूडेंट्स लाने की फाइनल मंजूरी मिल चुकी है, जो अगले महीने से शुरू हो सकता है. विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एडम शूमेकर ने भारत के यंग टैलेंट को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि हर हफ्ते भारत में 18 साल के होने वाले लोगों की संख्या और उनकी काबिलियत हैरान करने वाली है.
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