नेशनल डेंटल कमीशन (NDC) ने देशभर के सभी डेंटल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज को एक निर्देश जारी किया है. जारी निर्देश में कहा गया है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटीज यह पक्का करें कि पोस्टग्रेजुएट (PG) डेंटल स्टूडेंट्स की बायोमेट्रिक अटेंडेंस कम से कम 80 प्रतिशत हो. जिन भी छात्रों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस 80 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में बैठने के लिए योग्य नहीं माना जाएगा. कमीशन ने संस्थानों को यह चेतावनी भी दी है कि अगर जरूरी अटेंडेंस से कम अटेंडेंस वाले स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है, तो इसके लिए संस्थान ही जिम्मेदार होंगे.

अटेंडेंस रूल सख्ती से हो जारी
NDC ने कहा, "आपको यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि किसी भी PG स्टूडेंट को यूनिवर्सिटी/PG परीक्षा में बैठने की अनुमति न दी जाए, अगर उनकी बायोमेट्रिक अटेंडेंस 80 प्रतिशत से कम है. नेशनल डेंटल कमीशन द्वारा जारी निर्देशों का पालन न करने पर संस्थान को ही ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा".
छात्रों की अटेंडेंस में सुधार लाना है मकसद
नेशनल डेंटल कमीशन (NDC) के इस निर्देश का मकसद डेंटल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में छात्रों की उपस्थिति में सुधार आना है. साथ ही शैक्षणिक अनुशासन को मजबूत करना है और देश भर में पोस्टग्रेजुएट डेंटल शिक्षा में बेहतर मानक सुनिश्चित करना है. 19 जनवरी, 2026 को भी इस तरह का एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें डेंटल काउंसिल ऑफ़ इंडिया (DCI) ने डेंटल कॉलेजों से पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की न्यूनतम जरूरत को लागू करने के लिए कहा था.
पिछला आदेश DCI की शिकायत उप-समिति की सिफारिशों पर आधारित था. जिसने राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कॉलेजों में PG डेंटल छात्रों की कम उपस्थिति के बारे में शिकायतों की समीक्षा की थी. NDC ने अब सभी इंस्टीट्यूशन्स को अटेंडेंस रूल को सख्ती से लागू करने को कहा है. वहीं जो कॉलेज और यूनिवर्सिटीज निर्देश का पालन करने में फेल रहते हैं, उन्हें कमीशन के कानूनी निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.
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