केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारी को लेकर NDTV से खास बात की और बताया कैसे री-एग्जाम को सफलतापूर्वक करवाया गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा 'हमारे देश में जो मेधावी विद्यार्थी हैं, उन्होंने अच्छा किया है और सभी के अच्छे नंबर आने वाले हैं. एनटीए ने जिन पर भरोसा किया था, ऐसे कुछ शिक्षकों ने अपना दायित्व नहीं निभाया, रक्षक ही भक्षक बन गए'. धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि सबसे बड़ा चैलेंज क्वेश्चन पेपर बनाना था. इस बार तमाम एक्सपर्ट्स की टीम बनाई गई और क्वेश्चन पेपर्स का दायरा भी बढ़ाया गया. इस बारे में किसी को भी पता नहीं था कि कौन सा सेट फाइनल होगा'.
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— NDTV India (@ndtvindia) June 23, 2026
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"मल्टीलेयर मॉनिटरिंग की गई"
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, 'जो टीचर्स पेपर बनाने के काम में थे, वो सभी आइसोलेशन में रहे. बिना इंटरनेट के कई दिनों तक इन टीचर्स को रखा गया. यही वजह है कि अच्छे क्वेश्चन तैयार हुए और सब कुछ अच्छी तरह हुआ. इस बार मल्टीलेयर मॉनिटरिंग हुई, राज्यों और केंद्रीय बलों की भी मदद ली गई. हमने बारिश और बाकी चीजों के चलते ट्रांसपोर्टेशन के लिए एयरफोर्स की मदद ली. एयरफोर्स ने देशभर में 15 हजार बॉक्स ट्रांसपोर्ट किए. फील्ड कमांड ने बखूबी इस दायित्व को निभाया, इससे पहले मॉक ड्रिल भी हुई थी'.
"शिक्षा माफिया पर नजर रखी जा रही है"
शिक्षा मंत्री ने कहा, 'क्वेश्चन सेटर्स को कहा गया था कि एनसीईआरटी (NCERT) सिलेबस के इर्द-गिर्द ही सवालों को रखा जाए. हमारे देश के गरीब छात्र और पिछड़े इलाकों से आने वाले छात्रों ने जो पढ़ा है, उसकी समझ को परखना है. कुछ लोग जानबूझकर शिक्षा को डिरेल करने की कोशिश कर रहे हैं. फिर चाहे वो कोचिंग सेंटर वाले हों या फिर शिक्षा माफिया हों, इन पर नजर रखी जा रही है. हम इन्हें घुटने पर लाएंगे, नहीं तो हम देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते हैं'.
"आरोपियों की संपत्ति जब्त होनी चाहिए"
शिक्षा मंत्री ने कहा आरोपियों के खिलाफ सिविल केस भी लगाया जाएगा. समाज में दहशतगर्दों के मन में डर पैदा होना जरूरी है. इनकी संपत्ति भी जब्त होनी चाहिए. सीबीआई इस मामले के तार देशभर में ढूंढ़ रही है. इस बार किसी को बख्शा नहीं जाएगा."
पेपर लीक आगे न हो, इसके लिए सरकार क्या कर रही है? इस सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'भारत एक नौजवानों का देश है. उनके लिए सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है. इस बार एनटीए ने एक करोड़ छात्रों का एंट्रेंस एग्जाम किया, जिसमें नीट समेत तमाम परीक्षाएं शामिल हैं. एनटीए की सभी परीक्षाएं लगभग सीबीटी मोड में हो चुकी हैं. राधाकृष्णन कमेटी ने भी ये सुझाव दिया था कि पेन-पेपर बड़ी चुनौती है. इसमें पेपर लीक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. सीबीटी मोड में कई चुनौतियां हैं, इसे लेकर हम काम कर रहे हैं. हमें ये सुनिश्चित करना है कि कैसे ये लीकेज प्रूफ हो'.
री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर 38 लाख साइबर हमले हुए
सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पर भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री से सवाल किया गया. जिसपर उन्होंने कहा, 'सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर दो घंटे के अंदर 38 लाख साइबर हमले हुए थे. कुछ लोग अराजकता फैलाना चाहते हैं. हमारे देश की क्षमता काफी पर्याप्त है. इस बीच हमारे पास कई अच्छे सुझाव मिले हैं. देश को एक नई परीक्षा प्रणाली को अपनाना होगा. हम इस बार से काम पर लग गए हैं, अगले साल नीट की परीक्षा सीबीटी मोड में होगी'.
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