CBSE Board Exam Update: अक्सर परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के मन में कई सवाल होते हैं, जैसे-अगर प्रैक्टिकल एग्जाम छूट गया तो क्या होगा? या क्या थ्योरी की तरह प्रैक्टिकल के नंबर भी दोबारा परीक्षा देकर बढ़ाए जा सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब खुद CBSE के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने एक इंटरव्यू के दौरान दिए हैं. बोर्ड ने प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट को लेकर अपनी चीजें क्लियर कर दी है.

अक्सर छात्र बीमार होने या किसी इमरजेंसी की वजह से प्रैक्टिकल एग्जाम नहीं दे पाते. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. कंट्रोलर ने बताया कि बोर्ड का ऑनलाइन सिस्टम इस तरह बनाया गया है कि स्कूल जरूरत पड़ने पर एग्जाम को रीशेड्यूल कर सकता है. यानी अगर कोई जैन्यून वजह है, तो स्कूल बोर्ड से परमिशन लेकर आपकी परीक्षा किसी और दिन करा सकता है. लेकिन अगर स्कूल आपको एब्सेंट मार्क कर देता है, तो आगे की प्रोसेस स्कूल और बोर्ड के तालमेल से तय होती है.

कई छात्र चाहते हैं कि अगर प्रैक्टिकल में कम नंबर आए हैं, तो वे दोबारा इंप्रूवमेंट एग्जाम देकर इसे बेहतर कर लें. लेकिन यहां बोर्ड का नियम एकदम अलग है. कंट्रोलर ने साफ कर दिया है कि 10वीं और 12वीं, दोनों ही क्लास में प्रैक्टिकल के मार्क्स सुधारने का कोई मौका नहीं मिलता. इंप्रूवमेंट की सुविधा सिर्फ थ्योरी पेपर्स के लिए है. इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पहली बार में ही प्रैक्टिकल को सीरियस लें, क्योंकि इसमें सुधार का दूसरा मौका नहीं मिलेगा.

क्लास 10 (2025-26) के स्टूडेंट्स के लिए एक और जरूरी बात सामने आई है. इंटरनल असेसमेंट में नोटबुक जमा करना बेहद जरूरी है. साल भर आपने जो भी प्रैक्टिकल या लैब वर्क किया है, उसके लिए 5 नंबर तय किए गए हैं. छात्रों को अपने काम का सही रिकॉर्ड रखना होगा. यह असेसमेंट लगातार चलता है, इसलिए आखिरी समय के लिए काम न छोड़ें.
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