JEE Advanced Eligibility Rules : अक्सर यह माना जाता है कि केवल बोर्ड परीक्षा में बहुत ज्यादा नंबर लाने वाले स्टूडेंट ही IIT में दाखिला ले सकते हैं. लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है. बता दें कि IIT में एडमिशन का सबसे बड़ा आधार JEE Main और JEE Advanced परीक्षा के नंबर होते हैं. Indian Institute of Technology (IIT) में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स को पहले JEE Main में अच्छा स्कोर करना होता है और फिर JEE Advanced क्वालिफाई करना पड़ता है.
एक और बात IIT में दाखिले के लिए सिर्फ JEE रैंक ही नहीं, बल्कि क्लास 12 से जुड़े कुछ नियम भी लागू होते हैं. नियमों के अनुसार, उम्मीदवार को या तो 12वीं में कम से कम 75 फीसदी नंबर (SC, ST और PwD के लिए 65%) हासिल करने होते हैं या फिर अपने बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल में होना चाहिए. इसका मतलब है कि अगर किसी स्टूडेंट के बोर्ड में एक्सपेक्टेशन से कम हैं, लेकिन वह अपने बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल में आता है, तो भी IIT में एडमिशन का रास्ता खुल सकता है.
JEE में अच्छा परफॉर्मेंस खोल सकता है रास्ता
एक्सपर्ट्स के अनुसार है कि बोर्ड परीक्षा और JEE दोनों की तैयारी का तरीका अलग होता है. कई बार ऐसे स्टूडेंट भी होते हैं जिनके बोर्ड में नंबर बहुत अधिक नहीं आते, लेकिन वे कॉन्सेप्ट बेस्ड JEE परीक्षा में अच्छा परफॉर्म करके बेहतर रैंक हासिल कर लेते हैं. हालांकि फाइनल सिलेक्शन के समय निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी रहता है.
केवल नंबर नहीं, स्ट्रेटजी भी जरूरी
IIT तक पहुंचने के लिए स्टूडेंट्स को 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ मैथ्स, फिजिक्स और केमेस्ट्री पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए. सही स्ट्रेटजी, रेग्यूलर प्रैक्टिस और मॉक टेस्ट JEE में बेहतर रिजल्ट दिला सकते हैं.
स्टूडेंट्स के लिए क्या है मैसेज?
अगर बोर्ड परीक्षा में उम्मीद से कम अंक आए हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है. JEE में अच्छा परफॉर्म और पात्रता नियमों को समझकर छात्र अभी भी IIT का सपना पूरा कर सकते हैं.
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