CA Intermediate AIR 3 Teerth Jain Success Story: जब इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने मई 2026 के CA इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे जारी किए, तो मुंबई के तीर्थ जैन ने एक बड़ी कामयाबी अपने नाम की. तीर्थ ने 600 में से 519 अंक हासिल करके पूरे देश में तीसरी रैंक पाई है. इस परीक्षा में डोंबिवली के शार्दुल शेखर विचारे ने 531 अंकों के साथ टॉप किया है, जबकि कोच्चि के अभिनव सतीश 530 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. यह सफलता इसलिए भी बहुत बड़ी है क्योंकि इस बार दोनों ग्रुप की परीक्षा देने वाले केवल 8.47 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाए हैं.
लेकिन तीर्थ जैन की कहानी सिर्फ उनकी इस रैंक तक सीमित नहीं है. भारत के सबसे कठिन प्रोफेशनल कोर्स में से एक की पढ़ाई करने के साथ-साथ तीर्थ ने कई अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
शुरुआत से ही रहे हैं टॉपर
तीर्थ का पुराना रिकॉर्ड देखें तो वे हमेशा से पढ़ाई में आगे रहे हैं. उन्होंने VIBGYOR हाई स्कूल से ICSE 10वीं की परीक्षा में 99% मार्क्स हासिल किए थे. इसके बाद उन्होंने H.R. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से 12वीं की पढ़ाई की, जहां 96.17% अंकों के साथ वे कॉलेज में पांचवें नंबर पर रहे. इससे पहले, उन्होंने CA फाउंडेशन परीक्षा में भी 400 में से 336 अंक लाकर ऑल इंडिया 21वीं रैंक हासिल की थी.
कॉमर्स के साथ टेक्नोलॉजी का अनोखा कॉम्बिनेशन
चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई से अलग, तीर्थ की रुचि टेक्नोलॉजी में बहुत ज्यादा रही है. बचपन में वे रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे. इतना ही नहीं, टीनेज (किशोरावस्था) में उन्होंने खुद से जावा (Java) लैंग्वेज सीखकर एक एंड्रॉयड ऐप भी बना डाला था. उन्हें पायथन, डेटा विज़ुअलाइजेशन, एडवांस्ड स्प्रेडशीट टूल्स और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की अच्छी जानकारी है.
कॉलेज के साथ किया वर्क फ्रॉम होम
खुद से कुछ नया सीखने की इसी आदत के कारण तीर्थ ने बहुत कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था. जूनियर कॉलेज के दौरान ही वे बिजनेस और करंट अफेयर्स के मशहूर डिजिटल प्लेटफॉर्म 'थिंक स्कूल' (Think School) के साथ रिमोटली जुड़ गए थे. दो साल से ज्यादा समय तक उन्होंने यहां कंटेंट रिसर्च, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और ऑडियंस स्ट्रैटेजी पर काम किया. यह ऐसा अनुभव था जो आमतौर पर CA करने वाले छात्रों के पास नहीं होता.
लीडरशिप और स्पोर्ट्स में भी रहे आगे
H.R. कॉलेज में पढ़ाई के दौरान तीर्थ इनसाइट क्लब के प्रेसिडेंट थे. यहां उन्होंने 60 से ज्यादा छात्रों की टीम को लीड किया और एक बड़ा इंटर-कॉलेज फेस्टिवल आयोजित कराया. वे पब्लिक स्पीकिंग, डिबेट और रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं में भी कई पुरस्कार जीत चुके हैं.
पढ़ाई और टेक्नोलॉजी के अलावा तीर्थ खेलकूद में भी चैंपियन रहे हैं. उन्होंने जिला स्तर (District-level) की स्केटिंग प्रतियोगिता में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया. एथलेटिक्स और स्केटिंग में कई मेडल जीतने के बाद उन्हें स्कूल में 'एथलीट ऑफ द ईयर' के सम्मान से भी नवाजा गया था.
इन सभी उपलब्धियों को देखें तो पता चलता है कि वे ऐसे स्टूडेंट रहे हैं जिनकी दिलचस्पी कभी एक ही क्षेत्र तक सीमित नहीं रही. चाहे टेक्नोलॉजी हो, लीडरशिप, कम्युनिकेशन या कॉमर्स, जैन ने हर काम को खुद से सीखने और उसे पूरा करने पर जोर देते हुए किया.
इसलिए, CA इंटरमीडिएट परीक्षा में उनकी 'ऑल इंडिया रैंक 3' कोई अकेली उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे सफर का नया पड़ाव है जो एकेडमिक एक्सीलेंस, कुछ नया जानने की उत्सुकता और कॉमर्स स्टूडेंट के करियर की आम सीमाओं से आगे बढ़कर मौकों को तलाशने की इच्छा से भरा रहा है.
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