विज्ञापन

69000 शिक्षक भर्ती: विधानसभा घेराव से फिर गरमाया मुद्दा, क्या खत्म होगा 4 साल का इंतजार?

69000 शिक्षक भर्ती को लेकर लखनऊ में बवाल. अभ्यर्थियों ने आरक्षण विवाद और नियुक्ति की मांग को लेकर विधानसभा घेराव किया. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

69000 शिक्षक भर्ती: विधानसभा घेराव से फिर गरमाया मुद्दा, क्या खत्म होगा 4 साल का इंतजार?
यह विवाद साल 2020 से कानूनी दांव-पेंच में फंसा है.

Protest in Lucknow : उत्तर प्रदेश की चर्चित 69,000 शिक्षक भर्ती का विवाद एक बार फिर सड़कों पर आ गया है. सालों से नियुक्ति की आस लगाए बैठे अभ्यर्थियों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया. सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अचानक विधानसभा घेराव करने निकल पड़े, जिसके बाद राजधानी की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला.

मटकी और झाड़ू के साथ अनोखा विरोध

प्रदर्शन का तरीका इस बार बेहद अलग था. अभ्यर्थी अपने गले में झाड़ू और मटकी लटकाकर पहुंचे थे, जो सिस्टम के प्रति उनके आक्रोश दर्शा रहा था. विधानसभा की ओर बढ़ रहे युवाओं को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो उनके बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया.

क्या है अभ्यर्थियों की मांग?

पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि सरकार आरक्षण नियमों की अनदेखी कर रही है. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और धनंजय गुप्ता के अनुसार, ओबीसी वर्ग को 27% की जगह महज 3.68% और एससी वर्ग को 21% की जगह केवल 16.2% आरक्षण मिला है. अभ्यर्थियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस मामले में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है, जिससे मामला लटका हुआ है.

कोर्ट के आदेश और अब तक का संघर्ष

यह विवाद साल 2020 से कानूनी दांव-पेंच में फंसा है. 13 अगस्त 2024 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच ने पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द कर नए सिरे से सूची बनाने का आदेश दिया था. इससे पहले भी अभ्यर्थी पानी की टंकी पर चढ़कर और कड़ाके की धूप में महीनों ईको गार्डन में बैठकर अपना विरोध जता चुके हैं.

फिलहाल, यह मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन है. अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार मजबूत पैरवी करे और आरक्षण के विसंगतियों को दूर कर जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करे. अब देखना यह होगा कि कोर्ट का अंतिम फैसला किसके पक्ष में आता है.

NDTV देगा अभ्यर्थियों और छात्रों का साथ - छात्रों या फिर अभ्यर्थियों के इस तरह के प्रदर्शन से जुड़ी खबरों की हर कवरेज एनडीटीवी एजुकेशन पर आप देख सकते हैं. छात्र या अभ्यर्थी अपनी आवाज लोगों तक पहुंचाने के लिए NDTV से जुड़ सकते हैं और सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें- educationkhabar@ndtv.com पर मेल करना होगा. 
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com