
अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो ये खबर पढ़ने के बाद आप इस आदत को और ज्यादा दिन पालना नहीं चाहेंगे। धूम्रपान केवल सेहत को ही नहीं, बल्कि कामकाज और आमदनी को भी प्रभावित करता है। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की आमदनी धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति से काफी कम होती है। एक नए शोध में यह बात सामने आई।
अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर और इस शोध के नेतृत्वकर्ता जूडिथ प्रोचास्का ने एक बयान में कहा, "धूम्रपान से होने वाली स्वास्थ्य हानियां सदियों से सामने आती रही हैं, लेकिन इस शोध के निष्कर्षो ने धूम्रपान से होने वाली वित्तीय हानि का खुलासा किया है।"
इस नए शोध में जूडिथ और उनके दल ने 131 बेरोगगार धूम्रपान प्रतिभागियों और 120 बेरोजगार धूम्रपान न करने वाले प्रतिभागियों का एक साल तक अध्ययन किया।
इस दौरान प्रतिभागियों का अध्ययन के पहले, छठे और फिर 12वें महीनें में आकलन किया गया।
जूडिथ ने बताया कि शोध में धूम्रपान करने और न करने वाले प्रतिभागियों के बीच कई मामलों में अंतर पाए गए।
उन्होंने बताया कि उदाहरण के तौर पर धूम्रपान करने वाले प्रतिभागी आयु, शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में धूम्रपान न करने वाले प्रतिभागियों से पीछे थे, इससे पता चलता है कि धूम्रपान नौकरी ढूंढ़ने की क्षमता को प्रभावित करता है।
शोध के अनुसार, धूम्रपान करने वाले प्रतिभागियों की फिर से रोजगार प्राप्त करने की दर धूम्रपान न करने वाले प्रतिभागियों से 24 प्रतिशत कम रही।
जूडिथ ने बताया, हमने निष्कर्षो से पाया है कि धूम्रपान करने वालों को नौकरी हासिल करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
यह शोध अमेरिकी पत्रिका 'जेएएमए' में प्रकाशित हुआ है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर और इस शोध के नेतृत्वकर्ता जूडिथ प्रोचास्का ने एक बयान में कहा, "धूम्रपान से होने वाली स्वास्थ्य हानियां सदियों से सामने आती रही हैं, लेकिन इस शोध के निष्कर्षो ने धूम्रपान से होने वाली वित्तीय हानि का खुलासा किया है।"
इस नए शोध में जूडिथ और उनके दल ने 131 बेरोगगार धूम्रपान प्रतिभागियों और 120 बेरोजगार धूम्रपान न करने वाले प्रतिभागियों का एक साल तक अध्ययन किया।
इस दौरान प्रतिभागियों का अध्ययन के पहले, छठे और फिर 12वें महीनें में आकलन किया गया।
जूडिथ ने बताया कि शोध में धूम्रपान करने और न करने वाले प्रतिभागियों के बीच कई मामलों में अंतर पाए गए।
उन्होंने बताया कि उदाहरण के तौर पर धूम्रपान करने वाले प्रतिभागी आयु, शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में धूम्रपान न करने वाले प्रतिभागियों से पीछे थे, इससे पता चलता है कि धूम्रपान नौकरी ढूंढ़ने की क्षमता को प्रभावित करता है।
शोध के अनुसार, धूम्रपान करने वाले प्रतिभागियों की फिर से रोजगार प्राप्त करने की दर धूम्रपान न करने वाले प्रतिभागियों से 24 प्रतिशत कम रही।
जूडिथ ने बताया, हमने निष्कर्षो से पाया है कि धूम्रपान करने वालों को नौकरी हासिल करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
यह शोध अमेरिकी पत्रिका 'जेएएमए' में प्रकाशित हुआ है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)