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फिजियोथेरेपी डॉक्‍टर कैसे बनते हैं, क्‍या इसके लिए नीट जरूरी है, जानें हर बात

Physiotherapy doctor kaise bante hain: स्‍पोर्ट्स, ऑर्थोपेडिक समस्याओं, चोटों और सर्जरी के बाद मरीजों को फिर से सामान्य जीवन में लौटाने में फिजियोथेरेपिस्ट की जरूरत होती है.

फिजियोथेरेपी डॉक्‍टर कैसे बनते हैं, क्‍या इसके लिए नीट जरूरी है, जानें हर बात

Physiotherapy doctor kaise bante hain: स्‍पोर्ट्स, ऑर्थोपेडिक समस्याओं, चोटों और सर्जरी के बाद मरीजों को फिर से सामान्य जीवन में लौटाने में फिजियोथेरेपिस्ट की जरूरत होती है. ऑफिस में काम करने वाले लोगों में सर्वाइकल प्रॉब्‍लम से लेकर फ्रैक्‍चर होने तक, रिकवरी में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) की अहम भूमिका होती है. इसलिए इस स्किल की बहुत डिमांड है और आगे भी बनी रह सकती है. जानें फिजियोथेरेपी करने वाले डॉक्टर कैसे बनते हैं और क्या इसके लिए NEET देना जरूरी होता है. 

फिजियोथेरेपी क्या होती है

फिजियोथेरेपी चिकित्सा विज्ञान की एक शाखा है, जिसमें व्यायाम, मैनुअल थेरेपी, इलेक्ट्रोथेरेपी और अन्य तकनीकों के जरिए मरीजों की शारीरिक समस्याओं का उपचार किया जाता है. इसका उद्देश्य दर्द कम करना, शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाना और मरीज को फिर से सक्रिय जीवन जीने में मदद करना होता है. 

फिजियोथेरेपी डॉक्टर बनने के लिए कौन-सा कोर्स करना पड़ता है

फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में प्रवेश के लिए सबसे लोकप्रिय कोर्स बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) है. कोर्स की अवधि 4.5 वर्ष (4 वर्ष पढ़ाई + 6 माह इंटर्नशिप) होती है. इस कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं कक्षा में Physics, Chemistry और Biology (PCB) की पढ़ाई करना अनिवार्य होता है. साथ ही 12वीं में न्यूनतम अंक 50% या उससे अधिक होना चाहिए. 

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क्या BPT के लिए NEET जरूरी है?

इस सवाल का जवाब है- हर जगह नहीं. भारत के अधिकांश कॉलेजों में BPT में प्रवेश मेरिट या संस्थान-स्तरीय प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है. कई राज्य और निजी विश्वविद्यालय बिना NEET के भी प्रवेश देते हैं. हालांकि कुछ विश्वविद्यालय और संस्थान अपनी प्रवेश प्रक्रिया में NEET स्कोर को स्वीकार कर सकते हैं. इसलिए आवेदन से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक प्रवेश नीति जरूर जांच लेनी चाहिए. 

BPT के बाद क्या करें

BPT पूरा करने के बाद छात्र अस्पताल, स्पोर्ट्स अकादमी, रिहैबिलिटेशन सेंटर, फिटनेस सेंटर, क्लिनिक, सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में नौकरी कर सकते हैं. जरूरी पंजीकरण और अनुभव के बाद कई फिजियोथेरेपिस्ट अपना निजी क्लिनिक भी शुरू करते हैं.

इसके अलावा MPT यानी Master of Physiotherapy का कोर्स कर सकते हैं. इसके तहत Orthopedic Physiotherapy, Sports Physiotherapy, Neurological Physiotherapy, Cardiopulmonary Physiotherapy जैसा कोई एक विषय चुना जा सकता है. 

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