- आईपीएस भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा की मुलाकात 2015 में कोलकाता के पारिवारिक समारोह में हुई थी
- परिवार के विरोध के बावजूद पूजा ने 2016 में भरतपुर जाकर भानु प्रताप से प्रेम विवाह किया था
- पूजा ने भानु की यूपीएससी तैयारी में आर्थिक और मानसिक सहयोग करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं
IPS Bhanu Pratap Singh Love Story: बिहार में खगड़िया एसपी रहे आईपीएस भानु प्रताप सिंह की प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा में है. भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा की लव स्टोरी किसी बॉलीवुड फिल्म जैसी है, जिसमें पारिवारिक समारोह में मुलाकात, दोस्ती का प्यार में बदलना, घर से 1,352 किलोमीटर दूर जाकर प्रेम विवाह करना, संघर्ष के दिनों में एक-दूसरे का साथ निभाना और बाद में रिश्ते में आई खटास तक की कहानी शामिल है. पत्नी पूजा से पारिवारिक विवाद बढ़ने और मामला बिहार के मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद 4 नवंबर 2026 को बिहार सरकार ने आईपीएस भानु प्रताप सिंह को खगड़िया के पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया. उन्हें तत्काल प्रभाव से बिहार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया है. भानु प्रताप सिंह की जगह 2021 बैच के आईपीएस शैलेंद्र सिंह को खगड़िया का नया एसपी नियुक्त किया गया है. आइए जानते हैं कि आखिर भानु प्रताप सिंह और पूजा की प्रेम कहानी की शुरुआत कैसे हुई थी. हालांकि विवाद की असली वजह अभी तक सामने नहीं है.
2015 में हुई पहली मुलाकात, दोस्ती से हुआ प्यार
जब आईपीएस भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा का विवाद सार्वजनिक हुआ था, तब पूजा ने मीडिया से बातचीत में दोनों की पूरी कहानी विस्तार से बताई थी. पूजा के अनुसार, भानु प्रताप सिंह उनके मौसा के दोस्त के बेटे हैं. दोनों की पहली मुलाकात साल 2015 में कोलकाता में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी. मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. उस समय भानु प्रताप सिंह राजस्थान के भरतपुर में किराए के मकान में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे.
परिवार के विरोध के बावजूद की लव मैरिज
पूजा ने दावा किया था कि उनके परिवार के लोग भानु प्रताप सिंह के साथ रिश्ते के पक्ष में नहीं थे. इसके बावजूद उन्होंने परिवार के फैसले के खिलाफ जाकर भानु प्रताप सिंह से शादी करने का निर्णय लिया. पूजा के मुताबिक, वह रात में कोलकाता से हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर करीब 1,352 किलोमीटर का सफर तय करते हुए भरतपुर पहुंचीं. इसके बाद दोनों ने साल 2016 में प्रेम विवाह किया. इस शादी में पूजा की ओर से केवल उनकी मां और मौसी का परिवार शामिल हुआ था, जबकि भानु प्रताप सिंह का पूरा परिवार मौजूद था.
यूपीएससी की तैयारी में किया साथ देने का दावा
पूजा के अनुसार, जब भानु प्रताप सिंह दिल्ली में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने एक निजी स्कूल में पढ़ाकर आर्थिक रूप से उनकी मदद की. पूजा का दावा है कि संघर्ष के उस दौर में उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां भी संभालीं और भानु की तैयारी में सहयोग किया. बताया जाता है कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच भानु प्रताप सिंह ने लगातार तीन बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की. बाद में उनका चयन बिहार कैडर में आईपीएस अधिकारी के रूप में हुआ. बिहार में उनकी शुरुआती तैनाती मुजफ्फरपुर में हुई. इसके बाद वह दानापुर में एसीपी रहे और फिर खगड़िया के एसपी बने.
पूजा ने लगाए कई गंभीर आरोप
इस बीच रिश्तों में तनाव बढ़ने के बाद पूजा ने मीडिया से बातचीत में भानु प्रताप सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए. आरोपों में छह साल की बेटी को अपने पास रखना, बच्ची को मां के खिलाफ भड़काना, पटना स्थित आईपीएस मेस में कथित रूप से बंधक बनाकर रखना, महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में रखना, आवास से बाहर निकलवाने के लिए धक्का दिलवाना, दूसरी शादी की तैयारी करना और शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने जैसे आरोप शामिल हैं. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच की आधिकारिक स्थिति अलग विषय है.
आईपीएस भानु प्रताप सिंह कौन हैं?
भानु प्रताप सिंह बिहार कैडर के 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के रहने वाले हैं. उन्होंने हिंदी साहित्य में परास्नातक (एमए) की डिग्री प्राप्त की है.
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