
CISCE : नयी मूल्यांकन पद्धति करेगा शुरू
कोलकाता:
भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) छात्रों को रचनात्मक रूप से सोचने के लिए सक्षम बनाने के वास्ते अपने पाठ्यक्रम में पांचवीं कक्षा और आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए एक नयी मूल्यांकन पद्धति शुरू करेगा. मुख्य कार्यकारी और सचिव गेरी अराथून ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह 10वीं या 12 वीं कक्षा की परीक्षाओं के मूल्यांकन जैसा नहीं होगा जिसमें बच्चे पढ़ाई करते हैं और परीक्षाओं की तैयारी करते हैं.
यह अलग तरह का होगा. इस मूल्यांकन के लिए छात्रों को कोई तैयारी करने की जरूरत नहीं होगी. इसमें छात्रों को अपने ज्ञान को प्रदर्शित करने की जरूरत नहीं होगी और रचनात्मक रूप से सोचने का कौशल विकसित करना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘हम 2018 में मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने का विचार रखते हैं और यह लिखित रूप में होगा.’ परिषद की योजना चार विषयों अंग्रेजी, गणित, विज्ञान (भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान) और समाज अध्ययन (इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल) में मूल्यांकन करने का है.
इस मूल्यांकन का एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने से कोई लेना देना नहीं है. स्कूल खुद मूल्यांकन और कक्षाओं की परीक्षा आयोजित करेंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह अलग तरह का होगा. इस मूल्यांकन के लिए छात्रों को कोई तैयारी करने की जरूरत नहीं होगी. इसमें छात्रों को अपने ज्ञान को प्रदर्शित करने की जरूरत नहीं होगी और रचनात्मक रूप से सोचने का कौशल विकसित करना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘हम 2018 में मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने का विचार रखते हैं और यह लिखित रूप में होगा.’ परिषद की योजना चार विषयों अंग्रेजी, गणित, विज्ञान (भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान) और समाज अध्ययन (इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल) में मूल्यांकन करने का है.
इस मूल्यांकन का एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने से कोई लेना देना नहीं है. स्कूल खुद मूल्यांकन और कक्षाओं की परीक्षा आयोजित करेंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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