IIT के बाद NIT और CFTI में एडमिशन लेना हुआ आसान, छात्रों के लिए बदले गए नियम

एडमिशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्र ने स्टूडेंट्स के हित में एक बड़ा फैसला किया है.

IIT के बाद NIT और CFTI में एडमिशन लेना हुआ आसान, छात्रों के लिए बदले गए नियम

NIT और CFTI में एडमिशन लेना आसान हो गया है.

नई दिल्ली:

एडमिशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्र ने स्टूडेंट्स के हित में एक बड़ा फैसला किया है. आईआईटी (IIT) में एडमिशन के लिए 12वीं के नंबरों के क्राइटरिया को हटाने के बाद अब केंद्र ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NITs) और सभी केंद्रीय रूप से वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (CFTIs) के लिए भी इसका पालन करने का फैसला किया है. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए NITs और CFTIs में एडमिशन के नए क्राइटेरिया और एलिजिबिलिटी के बारे में जानकारी दी है, जिनका पालन इस साल NITs और CFTIs में ग्रेजुएशन कोर्सेस में एडमिशन के लिए किया जाएगा.

HRD मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, "एनआईटी और अन्य केंद्रीय रूप से वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों में एडमिशन के लिए जेईई मेन को पास करने के अलावा 12वीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75% अंक प्राप्त करना होते हैं या योग्यता परीक्षाओं में टॉप 20 प्रतिशत के बीच रैंक हासिल करनी होती है."



HRD मंत्री ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, "मौजूदा परिस्थितियों के कारण सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड (CSAB) ने NITs और अन्य CFTI में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में छूट देने का फैसला किया है.  जेईई मेन 2020 के योग्य उम्मीदवारों को अब 12वीं क्लास की परीक्षा में सिर्फ उत्तीर्ण प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा, नंबर चाहें जितने भी हों."

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बता दें कि शिक्षा मंत्री ने 17 जुलाई को घोषणा की थी कि कई बोर्डों द्वारा 12वीं  की परीक्षाओं को रद्द करने के चलते ज्वांइट एडमिशन बोर्ड (JAB) ने इस बार JEE (एडवांस्ड) 2020 के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में ढील देने का फैसला किया है. कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले योग्य उम्मीदवार अब  IIT में एडमिशन लेने के योग्य होंगे, भले ही उनके नंबर कितने भी हों.