खास बातें
- भारत का घरेलू वाइन उद्योग पिछले एक दशक में करीब 300 प्रतिशत बढ़कर अनुमानित सालाना 1.35 करोड़ लीटर पर पहुंच गया है।
New Delhi: भारत में वाइन (फलों विशेषकर अंगूर की खमीर से तैयार शराब) तेजी से लोकप्रिय हो रही है और हर साल भारतीय 1.35 करोड़ लीटर वाइन पी जाते हैं। अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक, भारत का घरेलू वाइन उद्योग पिछले एक दशक में करीब 300 प्रतिशत बढ़कर अनुमानित सालाना 1.35 करोड़ लीटर पर पहुंच गया है। विभाग की रपट के मुताबिक, भारत में अनुमानित 60 वाइनरीज (शराब बनाने की इकाई) हैं, जिसमें 30 कंपनियों ने पिछले साल वाइन उत्पादक के तौर पर पंजीकरण कराया। वर्ष 2000 में देश में केवल 6 वाइनरीज थीं। रपट में कहा गया है कि विदेश से आयातित वाइन पर अत्यधिक सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क होने से घरेलू बाजार में वाइन उद्योग को प्रोत्साहन मिला है। रपट के मुताबिक, अत्यधिक आयात एवं उत्पाद शुल्क की मदद से भारत ने पिछले एक दशक में एक छोटा वाइन उद्योग विकसित कर लिया और 2003 से अब तक उत्पादन करीब 300 प्रतिशत बढ़कर सालाना अनुमानित 1.35 करोड़ लीटर पहुंच गया है। रपट में कहा गया है, भारत ने 2001 में वाइन के आयात पर से प्रतिबंध हटा दिया, जिससे लगा कि भारत आयातित वाइन के लिए एक जबरदस्त बाजार बन जाएगा। लेकिन भारत के वाइन आयातक उत्पाद शुल्कों एवं लाइसेंस की आवश्यकता संबंधी एक जटिल प्रणाली का सामना करते हैं, जिससे आयातित वाइन की लागत बढ़ जाती है।