नई दिल्ली: किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। स्टेट बैंक समेत 17 बैंकों का याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या, पत्नी और बच्चों की विदेशी संपत्ति को बैंकों को खुलासा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि रजिस्ट्री उस सीलबंद कवर में दिए गए ब्यौरे को बैंकों को दें जो विजय माल्या ने दाखिल किया था। इसके अलावा कोर्ट ने बेंगलुरु DRT को दो महीने में बैंको और माल्या के केस का निपटारा करने के आदेश दिए हैं।
माल्या हमारे सवाल का सही जवाब नहीं दे रहे
माल्या मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि माल्या ने हमारे सवाल का सही से जवाब नहीं दिया जबकि माल्या ने कोर्ट में कहा कि उनका पासपोर्ट रद्द हो चुका है। उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ है। जैसे ही वह देश में आएंगे, गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी व्यक्तिगत पेशी से मामले का कोई उद्देश्य हल नहीं होगा।
माल्या न्याय व्यवस्था से भाग रहे हैं : AG
बैंकों की ओर से पेश AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि कानून के तहत जो भी कारवाई होगी, माल्या के खिलाफ वह की जाएगी। AG ने कहा कि माल्या न्याय व्यवस्था से भाग रहे हैं। अगर कोर्ट उन्हें पेश करने का आदेश देगा तो सरकार ब्रिटेन सरकार से संपर्क करेगी।
माल्या विदेशी संपत्तियों का खुलासा करें
माल्या का यह विशेषाधिकार नहीं है कि वह विदेशों की संपत्ति का खुलासा न करें। माल्या ने कोर्ट के सवाल का भी सही से जवाब नहीं दिया कि वह कब भारत आ रहे हैं। सुनवाई के दौरान माल्या ने कहा कि वह डिफॉल्टर हैं, लेकिन विलफुल डिफाल्टर नहीं है। बैंक अपना लोन वापस लेने की बजाए उन्हें जेल में देखने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
दरअसल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत 17 बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल कर कहा था कि 9 हजार करोड़ से ज्यादा के लोन के मामले में सुप्रीम कोर्ट उन्हें कोर्ट में पेश होने को कहें। हालांकि इसी बीच माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है।