नई दिल्ली:
धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई 50 प्रतिशत घटकर तीन करोड़ 45.6 लाख हेक्टेयर रह गया है, लेकिन मध्य और उत्तरी भारत में चौतरफा बारिश के साथ सरकार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बुवाई तेज होगी।
किसानों ने खरीफ सत्र 2013-14 की समान अवधि में गरमी के फसल की बुवाई 6 करोड़ 27.4 लाख हेक्टेयर में की थी। खरीफ सत्र की शुरुआत जून में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के साथ शुरू होती है।
फिलहाल खरीफ फसल के दायरे में कुल बुवाई रकबा कम है, क्योंकि देर से मॉनसून आने और देश के कुछ भागों में कमजोर बरसात के कारण किसान समय पर बुवाई नहीं कर सके। हालांकि मॉनसून की स्थिति में सुधार आया है और इसने पूरे देश को अपने दायरे में लिया है।
कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया, मौजूदा बरसात चौतरफा है और इसने देश में मध्य और उत्तरी भाग को अपने दायरे में लिया है। मुझे उम्मीद है कि यह किसानों को फसल बुवाई में मदद करेगा। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि आने वाले दिनों में मॉनसून संतोषजनक रहेगा।