वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस की त्रिमूर्ति वाली टिप्पणी को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि भगवान संसद में मतदान नहीं करते, जीएसटी लागू होगा, क्योंकि मुख्य विपक्षी दल का संख्या बल राज्यसभा में कम हो रहा है।
जेटली ने संवाददाताओं से कहा, कांग्रेस ने कहा है कि भगवान की त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) भी आ जाएं, तो भी जीएसटी इतनी जल्दी संभव नहीं है। भगवान संसद में मतदान नहीं करते, लेकिन सांसद मतदान करते हैं। राज्यसभा में कांग्रेस की कम होती संख्या है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में अगले दौर में द्विवार्षिक चुनाव में कांग्रेस की संख्या कम होगी और यहां तक की उनके नामित समर्थकों की भी संख्या घटेगी।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने हाल ही में कहा था कि भगवान की त्रिमूति (ब्रह्मा, विष्णु महेश) भी धरती पर आ जाएं, तो भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को 1 अप्रैल, 2016 से लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि सरकार ने नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के लिए अभी तैयारियां पूरी नहीं की हैं।
जीएसटी लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक राज्यसभा में अटका हुआ है, जहां एनडीए के पास बहुमत नहीं है। विधेयक का कांग्रेस विरोध कर रही है, हालांकि कई अन्य विपक्षी दल इसके लिए तैयार हैं।
कांग्रेस समर्थन देने के लिए विधेयक में तीन बदलाव की मांग कर रही है, जिसमें जीएसटी की अधिकतम दर को संविधान में लिखा जाना भी शामिल हैं। जेटली ने कहा कि अधिकतर राज्य जीएसटी के लिए तैयार हैं और इसे साल के मध्य में भी लागू किया जा सकता है।