Omicron के डर से लुढ़का एशियाई बाजार; सेंसेक्स-निफ्टी भी लाल निशान में, ऑटो शेयर गिरे

Sensex, Nifty Today : सोमवार को एशियाई बाजारों में इस छोर से उस छोर तक गिरावट दिखी. इसके पीछे चिंताजनक यूएस जॉब डेटा भी है. इस बीच घरेलू बाजार में सोमवार को बाजार फ्लैट दिख रहा है. दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ खुले हैं.

Omicron के डर से लुढ़का एशियाई बाजार; सेंसेक्स-निफ्टी भी लाल निशान में, ऑटो शेयर गिरे

शेयर बाजार में गिरावट, एशियाई बाजार भी लुढ़के. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

कोरोनावायरस के नए वेरिएंट Omicron 6 दिसंबर, 2021 को 38 देशों में फैल चुका है. अभी तक इस वेरिएंट से मौत की खबर नहीं आई है, लेकिन वैज्ञानिक अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वेरिएंट कितना संक्रामक है और पहले से मौजूद वैक्सीन इसके खिलाफ कितनी सुरक्षा देती है. लेकिन इस वेरिएंट के चलते बाजार में डर फैल गया है. सोमवार को एशियाई बाजारों में इस छोर से उस छोर तक गिरावट दिखी. इसके पीछे चिंताजनक यूएस जॉब डेटा भी है. 

इस बीच घरेलू बाजार में सोमवार को बाजार फ्लैट दिख रहा है. दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ खुले हैं. सुबह 09:17 पर सेंसेक्स में 83.99 अंकों या 0.15% की गिरावट दर्ज हो रही थी, इंडेक्स 57,612.47 के लेवल पर था. निफ्टी 28.10 अंकों या 0.16% की गिरावट लेकर 17,168.60 के स्तर पर था. 

ओपनिंग में निफ्टी पर टेक महिंद्रा, SBI लाइफ इंश्योरेंस, HDFC, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज़ और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ में तेजी आई और कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, इन्फोसिस जैसे बड़े शेयर गिर गए. 

एनएसई पर 12 सेक्टरों में बिकवाली का दबाव दिखा. ऑटो इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई. निफ्टी बैंक, फाइनेंशियल, आईटी, फार्मा, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी 0.5 से 1 फीसदी तक की गिरावट आई. मेटल, रियल एस्टेट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में लिवाली दिखी.

एशियाई बाजारों में आई गिरावट

सोमवार को टोक्यो, सोल और ऑस्ट्रेलियाई इंडेक्स में गिरावट दर्ज हुई. बाजार में भारतीय समयानुसार सुबह 7.50 के आसपास हॉन्ग कॉन्ग का हांग सेंग भी डाउन था. जापान के निक्केई में 0.60 फीसदी की गिरावट आई और यह 27,861.71 के स्तर पर था. हांग सेंग 0.72 फीसदी गिरकर 23,594.66 के स्तर पर आया. 

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बता दें कि ओमिक्रॉन के चलते एक बार फिर से ग्लोबल रिकवरी पर चिंताएं उभरनी शुरू हो गई हैं. कई देशों की सरकारों ने फिर ले प्रतिबंधों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, ऐसे में यह माना जा रहा है कि इससे एक बार फिर से अर्थव्यवस्थाओं में सुधार को धक्का लगेगा. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड क्रिस्तलीना जॉर्जीवा ने चेतावनी भी दी है कि नया वेरिएंट ग्लोबल रिकवरी को धीमा कर सकता है.