खास बातें
- पिछले दो सप्ताह से गिरावट में चल रहे देश के शेयर बाजारों के लिए झटकों का दौर अभी समाप्त होने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
नई दिल्ली: पिछले दो सप्ताह से गिरावट में चल रहे देश के शेयर बाजारों के लिए झटकों का दौर अभी समाप्त होने की उम्मीद नहीं दिख रही है और गिरावट का सिलसिला अगले सप्ताह भी जारी रह सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी बाजारों में अनिश्चिता के मद्देनजर आने वाले दिनों में अभी स्थानीय बाजारों पर दबाव बना रह सकता है। पिछले दो सप्ताह में भारतीय बाजार का दबावमापक यंत्र कहे जाने वाले बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 567.69 अंक अथवा 3.07 प्रतिशत गिर चुका है। यह निवेशकों के विश्वास में कमी को दर्शाता है। विश्लेषक फर्म आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा कि भारतीय बाजार के लिए थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति हमेशा एक महत्वपूर्ण बात मानी जाती रही है। कच्चे तेल मूल्यों में तेजी के बीच मुद्रास्फीति अब भी ऊंची बनी हुई है। विदेशी बाजारों से उत्साहजनक संकेत आने लगें तो दिशा बदल सकती है।