नई दिल्ली: सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इस संबंध में आज एक फैसला ले लिया। सरकार ने करीब 23.55 प्रतिशत की वेतन वृद्धि की घोषणा की है। इससे देश में केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले करीब 47 लाख कर्मचारी और 52 लाख पेंशनरों को फायदा होगा।
वे 10 बातें जिनकी आपको जानकारी होनी चाहिए -
- वेतन आयोग की रिपोर्ट का असर राज्यों में सरकारों के अधीन काम करने वालों सभी कर्मचारियों पर पड़ेगा। हर राज्य पर इस आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का दबाव होगा। जानकारों का कहना है कि करीब तीन करोड़ लोग इस आयोग की रिपोर्ट से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
- माना जा रहा है कि बढ़े वेतन से लोगों को हाथों में पैसे की ताकत बढ़ेगी और इससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तेजी आएगी। साथी कंज्यूमर गुड्स की खरीदारी भी बढ़ेगी और इससे बाजार कुछ उछलेगा। यही वजह है कि आज ऑटो और होम एप्लाइएंस बनाने वाली कंपनियों के शेयर ऊपर चढ़ गए।
- वहीं, कुछ जानकारों की राय में इससे महंगाई दर बढ़ने की पूर संभावना है। इस ओर आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पहले ही इशारा कर चुके हैं।
- आर्थिक मामलों के जानकारों की राय में आयोग की रिपोर्ट में जिस तरह आवासीय भत्ता को बढ़ाने की बात कही गई है उससे बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक में किराए में वृद्धि होना तय है। पिछले वेतन आयोग की रिपोर्ट के बाद ऐसा होता रहा है।
- सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में मकान भाड़ा भत्ता यानी एचआरए पर भी कुछ बदलाव के सुझाव दिए गए हैं। क्योंकि मूल वेतन को बढ़ाकर संशोधित किया गया है, इसलिए आयोग ने सिफारिश की है कि वर्ग ‘एक्स’, ‘वाई’ और ‘जेड’ शहरों के लिए नये मूल वेतन के संबंध में एचआरए क्रमश: 24 प्रतिशत,16 प्रतिशत और 08 प्रतिशत की दर से देय होगा। आयोग ने यह सिफारिश भी की है कि जब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा, तब एचआरए की संशोधित दर क्रमश: 27 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 09 प्रतिशत होगी।
- अर्थशास्त्री मानते हैं कि इस पूरे मामले में आरबीआई ने नजर बना रखी है क्योंकि बाजार से लेकर पूरी अर्थव्यवस्था पर इसका असर होगा। माना जा रहा है कि इससे ब्याज दरों में कटौती की जो संभावना अच्छे मॉनसून की वजह लगाई जा रही थी अब वह कुछ समय के लिए तो टल ही जाएगी।
- बैंकों के मैनेजरों की राय है कि इन आयोग की रिपोर्ट के लागू होने पर रीयल एस्टेट सेक्टर को भी सीधा लाभ होगा। अकसर यह देखा गया है कि सरकारी कर्मचारी वेतन में वृद्धि पर सर्वाधिक निवेश रीयल एस्टेट सेक्टर में करते हैं। वैसे पिछले कुछ सालों से यह सेक्टर तेजी की बाट जोह रहा है।
- कुछ अर्थशास्त्रियों की राय में इस वेतन आयोग लागू होने का असर सेवा क्षेत्र में भी आएगा। लोग बाहर खाने और घूमने पर कुछ व्यय करेंगे। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि स्कूलों की फीस भी बढ़ जाएगी। यानि शिक्षा महंगी होगी।
- आर्थिक मामलों के कुछ जानकार यह मानते हैं कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और इसका सीधा असर जीडीपी पर भी पड़ेगा।
- इस आयोग की रिपोर्ट को लागू करने से सरकार पर 1.02 लाख करोड़ का सालाना खर्च आएगा।