खास बातें
- मीना ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि पांच नवंबर 2010 से 28 फरवरी 2011 के दौरान सेन्सेक्स में 2500 अंकों की गिरावट आई।
New Delhi: बाजार में उतार चढ़ाव को एक सामान्य प्रवृत्ति बताते हुए सरकार ने मंगलवार को कहा कि नवंबर 2010 से पिछले कुछ माह के दौरान सेन्सेक्स में आई गिरावट को लेकर किसी प्रकार की अनियमितता का संदेह न होने की वजह से नियामक संस्था सेबी ने इसकी जांच नहीं की। वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीना ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि पांच नवंबर 2010 से 28 फरवरी 2011 के दौरान सेन्सेक्स में 2500 अंकों की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि बाजारों में तीव्र उछाल आने के बाद सुधार एक आम घटना है। उन्होंने पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि सूचकांकों का स्तर कुछ भी हो, प्रतिभूति बाजार विनियामक, सेबी और एक्सचेंज बाजार के उतार चढ़ाव की निगरानी करते हैं। मीना ने बलविंदर सिंह भुंडर के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि शेयर बाजार में म्यूचुअल फंड का हिस्सा चार फीसदी है और निवेशकर्ता कंपनियां इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकती हैं कि उनका धन सुरक्षित है। उन्होंने रविशंकर प्रसाद के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सेबी विनियम और दिशानिर्देशों के अनुरूप कई उपाय कर रहा है और इसके जरिये वह उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार के रूख से यह देखा जा सकता है कि हमारा स्टॉक मार्केट अन्य बाजारों की तुलना में स्थिर है। मीना ने लक्ष्मण वी शांताराम नाइक के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि समय समय पर मिलने वाली शिकायतों की दिशानिर्देशों के अनुसार जांच और कार्रवाई की जाती है। उन्होंने महेंद्र मोहन के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सेबी द्वारा किए गए निर्णय, प्रशासनिक उपाय और कार्रवाई सार्वजनिक सूचना के दायरे में आते हैं और सेबी की वेबसाइट पर इनका ब्यौरा होता है।