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खास बातें
- निवेशकों को चिंता है कि रुपये को थामने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं है और इससे चालू खाते के घाटे में कोई खास कमी नहीं आएगी।
मुंबई: विदेशी कोषों द्वारा पूंजी निकासी के बीच बैंकों और आयातकों की डॉलर की लगातार मांग के मद्देनजर रुपये का लगातार लुढ़कना जारी है और वह गिरावट के नित नए रिकॉर्ड बना रहा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में ही भारी गिरावट के साथ रुपया 65 के स्तर से भी नीचे फिसल गया।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 64.11 के स्तर पर बंद हुआ था और आज दो फीसदी की गिरावट के साथ रुपया 65 के स्तर से भी नीचे चला गया।
भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को 8,000 करोड़ रुपये के बांड पुनर्खरीद सहित नकदी नरम करने के कई उपायों की घोषणा की थी, ताकि अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों को पर्याप्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके, लेकिन इसके बावजूद रुपये में गिरावट थम नहीं रही है।
निवेशकों को चिंता है कि रुपये को थामने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं है और इससे चालू खाते के घाटे में कोई खास कमी नहीं आएगी। रुपये की कमजोरी से तेल समेत अन्य आयातित वस्तुओं के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति का दबाव तेज होने की आशंका है।
रुपये में रिकॉर्ड कमजोरी के असर से भारतीय शेयर बाजार भी लगातार औंधे मुंह गिर रहे हैं। आज भी शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, हालांकि बाद में बाजार थोड़ा संभलता दिखा।