खास बातें
- पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने सरकार और रिलायंस के बीच सांठगांठ के विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया।
New Delhi: पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने सरकार और निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच सांठगांठ के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कैग की रपट के मसौदे के आधार पर इस तरह का आरोप लगाना ठीक नहीं है। लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेता सीताराम येचुरी ने नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) के मसौदा रिपोर्ट के आधार पर सरकार पर निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया है। रेड्डी ने कहा कि यह केवल मसौदा रिपोर्ट है और पेट्रोलियम मंत्रालय इसमें उठाये गये मुद्दों का खुले दिमाग से जवाब देगा। रेड्डी ने कहा, मुझे लगता है कि इस तरह की आलोचना कर के वे कैग की वस्तुनिष्ठ टिप्पणियों के बारे में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैग ने जो मुद्दे उठाए हैं मंत्रालय से उनका जवाब मिलने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी और फिर उसे संसद में पेश किया जाएगा, उसके बाद ही रिपोर्ट लोक लेखा समिति के पास पहुंचेगी। फिर संसद के इतने वरिष्ठ सदस्य को इतनी जल्दबाजी क्यों है। जोशी ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को सरकार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मामले में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम जो कि इस समय गृहमंत्री हैं पर सीधे हमला कर उनकी आलोचना की। उन्होंने चिदंबरम को मंत्रिमंडल से हटाने की भी मांग की थी।