रिजर्व बैंक ने हाल ही में एटीएम से निकासी सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये रोजाना कर दिया
खास बातें
- अभी बचत खातों के लिए साप्ताहिक निकासी सीमा 24,000 रुपये है
- चालू खाते के लिए साप्ताहिक नकदी निकासी सीमा एक लाख रुपये है
- कैश की उपलब्धि 2 महीने में सामान्य होने की उम्मीद : SBI रिसर्च की रिपोर्ट
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक नकदी की स्थिति में सुधार को देखते हुए फरवरी के आखिर तक बैंकों और एटीएम से नकदी निकासी की साप्ताहिक सीमा को समाप्त कर सकता है.
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक आरके गुप्ता ने कहा, 'मुझे लगता है कि निकासी पर आरबीआई के प्रतिबंध फरवरी के आखिर या मध्य मार्च तक पूरी तरह समाप्त हो जाने चाहिए, क्योंकि नकदी की स्थिति सुधर रही है. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बैंक ने हाल ही में एटीएम से निकासी सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति दिन कर दिया, लेकिन बचत बैंक खातों के लिए 24,000 रुपये की साप्ताहिक निकासी सीमा को बनाए रखा. चालू खाते के लिए साप्ताहिक नकदी निकासी सीमा एक लाख रुपये है. गुप्ता ने कहा कि यह पूरी तरह रिजर्व बैंक का फैसला होगा और वही हालात को ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय करेगा.
एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट 'इकोरेप' में उम्मीद जताई गई है कि नकदी उपलब्धता के हिसाब से अगले दो महीने में हालात लगभग सामान्य हो जाएंगे. एसबीआई शोध रिपोर्ट के अनुसार, 'फरवरी अंत में 78-88 प्रतिशत मुद्रा फिर से चलन में आ जाएगी. इसमें अधिक छोटे नोटों के साथ मुद्रा का बेहतर ढंग से वितरण भी शामिल है.' एक और सार्वजनिक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालात में सुधार हो रहा है और निकासी पर अब कुछ ही सप्ताह की बात है. अधिकारी ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह चालू वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले ही होगा, रिजर्व बैंक लगातार प्रतिबंधों को ढीला कर रहा है.'
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने हालांकि संसद की स्थायी समिति के समक्ष बैंकिंग प्रणाली के सामान्य होने के बारे में कोई समयसीमा नहीं बताई थी. केंद्रीय बैंक ने कहा कि चलन से हटाई गई मुद्रा का 60 प्रतिशत यानी 992 लाख करोड़ रुपये वापस बैंकिंग तंत्र में पहुंचाए जा चुके हैं.