खास बातें
- सूत्रों का कहना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को घोषित होने वाली अपनी कर्ज नीति ब्याज दरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा।
मुंबई: औद्योगिक उत्पादन की विकास दर बढ़ने और खाद्य महंगाई दर घटने से अर्थव्यवस्था की गाड़ी तो पटरी पर दिख रही है लेकिन बुरी खबर ये है कि इससे रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती का संभावना को कुछ समय के लिए टाल सकता है। सूत्रों का कहना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को घोषित होने वाली अपनी कर्ज नीति ब्याज दरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा।
दरअसल, सरकार का ध्यान 7 से 8 फीसदी के बीच झूल रही महंगाई दर पर है जिसे वह मार्च तक 5 से 6 फीसदी पर लाने की सोच रही है। अधिकारियों के मुताबिक महंगाई दर जब तक तय लक्ष्य के आस−पास नहीं आ जाती तब तक सरकार ब्याज दरों में बदलाव का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी।