यह ख़बर 05 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'नोट प्रचलन से हटाने का फैसला सरकार करती है'

खास बातें

  • रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर ने बाबा रामदेव की 500 और 1000 के नोट बंद करने की मांग पर कहा कि ये फैसले सरकार द्वारा लिए जाते हैं।
New Delhi:

योग गुरु बाबा रामदेव की भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की मांग पर रिजर्व बैंक ने कहा कि इस तरह का कोई भी निर्णय सरकार ही ले सकती है, नियामक यानी रिजर्व बैंक की इसमें कोई भूमिका नहीं है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने बाबा रामदेव की 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा, ये फैसले सरकार द्वारा लिए जाते हैं। रिजर्व बैंक यह निर्णय नहीं लेता है। केन्द्रीय बैंक केवल सरकार द्वारा तय राशि के नोट छापता है। चक्रवर्ती अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ बाबा रामदेव रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग में यह भी शामिल है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 500 और 1,000 रुपये के बड़े नोटों को प्रचलन से बाहर किया जाना चाहिये। बहरहाल विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के लिए यह काम आसान नहीं होगा।


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