खास बातें
- वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अगले वित्तवर्ष में भी सरकारी उधारी बिना किसी उठापटक और गड़बड़ी के जुटाने की व्यवस्था कर ली जाएगी।
New Delhi: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अगले वित्तवर्ष (2011-12) में भी सरकारी उधारी बिना किसी उठापटक और गड़बड़ी के जुटाने की व्यवस्था कर ली जाएगी। बजट बाद वाणिज्य एव उद्योग मंडलों के साथ आयोजित परिचर्चा में उन्होंने कहा, चालू वित्त वर्ष में मैं राजकोषीय घाटे को 5. 1 प्रतिशत पर ले आया हूं, अगले वित्त वर्ष के लिए इसके 4. 6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। यह अनुमान पिछले बजट में मेरे द्वारा तय अनुमान से भी कम है। मुखर्जी ने कहा कि वर्ष 2011-12 के लिए बाजार से निवल उधारी का लक्ष्य 3. 43 लाख करोड़ रुपये रखा गया है यह पिछले साल के बजट अनुमान से मामूली कम है। उन्होंने कहा कि बाजार उधारी कम रहने से उद्योगों को बैंकिंग तंत्र से जरूरी निवेश राशि की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। वित्त मंत्री ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार का उधारी कार्यक्रम, जो कि रिजर्व बैंक के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार होगा, बिना किसी समस्या और उठापटक के शांतिपूर्वक पूरा कर लिया जायेगा।