शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने एक वित्तीय साक्षरता कैंप में यह बात कही (फाइल फोटो)
खास बातें
- बड़े कर्जदाता कर्जों के भुगतान में गड़बड़ी करते हैं, गरीब नहीं
- गरीब लोग जो कर्ज लेते हैं, उनका पुनर्भुगतान 98-99 प्रतिशत है
- बैंक गरीबों पर ध्यान दें और उनके बैंक खाते खोलें
नई दिल्ली: शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि देश के गरीब भरोसेमंद हैं और बैंकों को उन्हें कर्ज देने से नहीं झिझकना चाहिए।
नायडू ने एक वित्तीय साक्षरता कैंप में कहा, 'स्वयं सहायता समूह जैसे गरीब लोग जो कर्ज लेते हैं, उनका पुनर्भुगतान 98-99 प्रतिशत है... वहीं जहां आल्या और (विजय) माल्या के कर्ज लौटाने की बात है, मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है।' उन्होंने कहा कि बड़े कर्जदाता कर्जों के भुगतान में गड़बड़ी करते हैं न कि गरीब।
मंत्री ने कहा, 'बैंकों को गरीबों पर ध्यान देना चाहिए और उनके लिए बैंक खाते खोलने चाहिए, वित्त उपलब्ध कराना चाहिए, उन्हें जानकारी देनी चाहिए।'
वस्तु एवं सेवा कर के बारे में उन्होंने कहा कि इससे संबंधित संविधान संशोधन विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में पारित हो जाने की उम्मीद है।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)