खास बातें
- अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियों को कुशल और शिक्षित श्रमिकों के लिए भारत और चीन की ओर नहीं देखना चाहिए।
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियों को कुशल और शिक्षित श्रमिकों के लिए भारत और चीन की ओर नहीं देखना चाहिए। हालांकि, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और विज्ञान जैसे क्षेत्रों की कंपनियों में इस तरह का चलन दिखाई दे रहा है।
ओबामा ने कहा कि इससे बचने के लिए वह स्कूलों और शिक्षकों को ऐसे संसाधन उपलब्ध कराना चाहते हैं, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा सके।
वित्त वर्ष 2013 के लिए संसद को सालाना बजटीय प्रस्ताव भेजने के बाद ओबामा ने कहा, ‘‘आज की कंपनियां सबसे ज्यादा दक्ष और शिक्षित कर्मचारी चाहती हैं। मैं नहीं चाहता कि वे उन्हें भारत और चीन में ढूंढें। मैं चाहता हैं कि नियोक्ता इस तरह के श्रमिकों को यहीं अमेरिका में ही तलाशें।’’ उन्होंने कहा कि नियोक्ता जिस तरह की कुशलता और शिक्षा चाहते हैं, वह उन पुरुषों और महिलाओं से शुरू होती है जो हमारे बच्चों को शिक्षित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह चाहते हैं कि संसद स्कूलों को संसाधन उपलब्ध कराए और अच्छे शिक्षकों को पुरस्कृत करें।
ओबामा ने कहा कि इसके साथ ही स्कूलों को इस तरह की छूट भी दी जानी चाहिए कि वे सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को सिखाएं भी। ‘‘हम यह कर सकते हैं।’’