खास बातें
- सरकार ने इन दवाओं के दाम की अधिकतम सीमा तय कर दी है
- मूल्य सीमा का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
- डीपीसीओ 2013 के तहत 12 दवाओं (फार्मूलेशन) के खुदरा मूल्य भी तय किए गए
नई दिल्ली: सरकार ने टीबी, कैंसर, हृदय संबंधी बीमारी, अस्थमा तथा तनाव जैसी बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली 42 अनिवार्य दवाओं के दाम की अधिकतम सीमा तय कर दी, जिससे इन दवाओं के मूल्य 15 प्रतिशत तक कम हो गए।
दवा मूल्य नियामक राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक अधिसूचना में कहा कि औषधि मूल्य नियंत्रण संशोधन आदेश 2016 के तहत 45 अनुसूचित दवाओं के अधिकतम मूल्य को तय अथवा संशोधित संशोधित किया गया है।
एक अधिकारिक सूत्र ने बताया, '45 दवाओं में से 42 दवाओं की कीमत में 15 प्रतिशत तक की कमी आई है।' एनपीपीए ने कहा कि मूल्य सीमा का पालन नहीं करने वाले विनिर्माताओं को औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के तहत अधिक वसूली गई राशि को ब्याज सहित जमा कराना होगा।
प्राधिकरण ने डीपीसीओ 2013 के तहत 12 दवाओं (फार्मूलेशन) के खुदरा मूल्य भी तय किए हैं। एक अन्य अधिसूचना में एनपीपीए ने कहा कि फोर फ्लूड्स के 32 अनुसूचित दवाओं के मूल्य को तय अथवा संशोधित किया है।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)