खास बातें
- देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी ने अपने मानेसर कारखाने के 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी ने अपने मानेसर कारखाने के 11 कर्मचारियों को सोमवार को बर्खास्त कर दिया। इस बीच शनिवार से जारी हड़ताल का असर दिखने लगा है और अब तक उसे लगभग 1,800 वाहनों का उत्पादन नुकसान हो चुका है। मारूति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा, कंपनी ने 11 कर्मचारियों को बख्रास्त कर दिया है। ये, अन्य कर्मचारियों को अवैध तरीके से हड़ताल के लिए उकसा रहे थे तथा ऐसा माहौल बना रहे थे जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बिना कोई नोटिस दिए हड़ताल पर चले गये लेकिन प्रबंधन हड़ताली कर्मचारियों के साथ निरंतर बातचीत कर रहा है। कर्मचारियों की मांग मानने से इनकार करते हुए भार्गव ने कहा, कोई दूसरी यूनियन नहीं है, अगर उनकी कोई मांग है, तो उन्हें पहले हमें लिखना चाहिए तथा उस पर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने मामले का सौहार्द्रपूर्ण हल शीघ्र निकलने की उम्मीद जताई। कर्मचारी सूत्रों के अनुसार बख्रास्त कर्मचारियों में आठ नवगठित मारूति सुजुकी इंप्लायज यूनियन (एमएसईयू) के पदाधिकारी हैं जबकि शेष तीन अन्य कर्मचारी हैं। एक हड़ताली कर्मचारी ने कहा, हम इन 11 लोगों को परिसर से जबरन हटाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे, हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, हड़ताल के कारण कारखाने में काम पूरी तरह से ठप हो गया है। कर्मचारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन था और कंपनी को अब तक लगभग 1,800 कारों के उत्पादन के नुकसान का अनुमान है। मानेसर कारखाने में हर दिन लगभग 1,200 कारें दो पारियों में बनती हैं। यहां स्विफ्ट, ए स्टार, डिजायर तथा एसएक्सफोर का उत्पादन होता है। कंपनी प्रवक्ता ने कहा, फिलहाल स्थिति :कल की तरह: जस-की-तस बनी हुई है। एसएसईयू के महासचिव शिव कुमार ने कहा कि प्रबंधन ने इससे पहले शनिवार को उनकी मांगों पर विचार विमर्श किया था। कुमार को भी बख्रास्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा, आज कोई बातचीत हमसे नहीं हुई। बल्कि प्रबंधन ने एक नोटिस जारी कर बख्रास्तगी की सूचना दी है। हम मांगें माने जाने तक हड़ताल करेंगे।