मारुति ने ‘एनविक्टो’ के साथ 20 लाख से ऊपर की कारों में की एंट्री, हाईब्रिड वर्जन भी जल्द

मारुति सुजुकी इस नए मॉडल का हाइब्रिड संस्करण (पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों से चलने वाला) टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) से हासिल करेगी. टोयोटा और सुजुकी के बीच इस संबंध में वैश्विक समझौता है.

मारुति ने ‘एनविक्टो’ के साथ 20 लाख से ऊपर की कारों में की एंट्री, हाईब्रिड वर्जन भी जल्द

मारुति इनविक्टो हुई लॉन्च, जानें क्या है कीमत.

नई दिल्ली:

देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने बुधवार को अपने नए मॉडल ‘इनविक्टो' को बाजार में उतारने के साथ ही पहली बार 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले खंड में कदम रखा. इस बहुद्देशीय वाहन (एमपीवी) की कीमत 24.8 लाख रुपये से 28.4 लाख रुपये के बीच रखी गई है. तीन कतारों वाली सीटों से सजी इनविक्टो को तीन श्रेणियों में उतारा गया है. इनविक्टो दो लीटर पेट्रोल इंजन से लैस है.

मारुति सुजुकी को उम्मीद है कि इनविक्टो के आने से एमपीवी खंड में उसकी मजबूती और बढ़ेगी. इस खंड में उसके पास पहले से ही लगभग 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है.

मारुति सुजुकी इस नए मॉडल का हाइब्रिड संस्करण (पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों से चलने वाला) टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) से हासिल करेगी. टोयोटा और सुजुकी के बीच इस संबंध में वैश्विक समझौता है. टीकेएम पहले से ही इनोवा हाईक्रॉस को घरेलू बाजार में बेच रही है और इसके डिजाइन एवं कुछ अन्य घटकों में कुछ बदलाव करके इसे एमएसआई को भेजा जाएगा.

एमएसआई के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा कि इस मॉडल को नेक्सा के ग्राहकों की आधुनिक पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रांड विटारा, फ्रॉन्क्स और जिम्नी ने स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) खंड में कंपनी की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि की है.

ताकेउची ने कहा कि एसयूवी खंड में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.5 प्रतिशत से बढ़कर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लगभग 20 प्रतिशत हो गई है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

उन्होंने कहा कि भारतीय वाहन बाजार की असीमित संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एमएसई की मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन ने वर्ष 2030-31 तक 4.32 लाख करोड़ रुपये वैश्विक कारोबार का लक्ष्य रखा हुआ है. वित्त वर्ष 2020-21 में इसका कारोबार 2.16 लाख करोड़ रुपये रहा था. उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से इस लक्ष्य को हासिल करने में भारत की भूमिका अहम रहने वाली है.'