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LIC का मेगा IPO इसी साल आने की संभावना कम है. सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि भारत के सबसे बड़े बीमाकर्ता का आईपीओ इस फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में आने की संभावना नहीं लगती. सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच इस मेगा आईपीओ को टाल सकती है. हालांकि केंद्र के पास सेबी को नए कागजात दाखिल किए बिना एलआईसी का आईपीओ लॉन्च करने के लिए 12 मई तक का समय है. सूत्रों की मानें तो अप्रैल की शुरुआत में लिस्टिंग की संभावना नहीं है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से आ रही खबरों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है.
एलआईसी द्वारा 13 फरवरी, 2022 को दाखिल दस्तावेजों के मसौदे (डीआरएचपी) को सेबी ने मंजूरी दे दी थी. इससे शेयर बिक्री का रास्ता साफ हो गया था.
सरकार एलआईसी में लगभग 31.6 करोड़ शेयर यानी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है, जिससे सरकारी खजाने में लगभग 60,000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है.
LIC का IPO जारी होने को लेकर अटकलों के बीच SEBI ने दी ड्राफ्ट को मंज़ूरी : रिपोर्ट
मसौदा दस्तावेजों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन कंपनी मिलीमैन एडवाइजर्स द्वारा एलआईसी का अंतर्निहित मूल्य निकाला गया है. 30 सितंबर, 2021 तक कंपनी का अंतर्निहित मूल्य 5.4 लाख करोड़ रुपये था. अंतर्निहित मूल्य बीमा कंपनी में शेयरधारकों के एकीकृत मूल्य के आधार पर निकाला गया है. डीआरएचपी में एलआईसी के बाजार मूल्यांकन का खुलासा नहीं किया गया है, हालांकि, उद्योग के मानकों के अनुसार यह अंतनिर्हित मूल्य का करीब तीन गुना होगा.
LIC ने रिटेल इंवेस्टर्स के लिए कुल आईपीओ का 35 प्रतिशत तक आरक्षित रखा है.