खास बातें
- भारतीय जीवन बीमा निगम की चुकता पूंजी बढ़ाने का प्रावधान करने वाले एक विधेयक को लोकसभा ने मंजूरी दे दी।
नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम की चुकता पूंजी बढ़ाने का प्रावधान करने वाले एक विधेयक को लोकसभा ने मंजूरी दे दी। विधेयक पर हुई चर्चा के जवाब में वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीना ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार एलआईसी में अपने नियंत्रण को कतई कम करने नहीं जा रही है। उन्होंने एलआईसी के शानदार कार्य प्रदर्शन का ब्यौरा देते हुए कहा कि 31 अक्टूबर 2011 को समाप्त अवधि में इसकी बाजार हिस्सेदारी 74 फीसदी थी और प्रीमियम की दृष्टि से यह आंकड़ा 78 फीसदी का था। विधेयक में भारतीय जीवन बीमा निगम की चुकता पूंजी को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले जीवन बीमा निगम (संशोधन) विधेयक 2009 पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के शिवकुमार उदासी ने कहा कि एलआईसी की तुलना निजी एजेंसियों से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में एलआईसी एजेंटों की ओर भी ध्यान देने का अनुरोध किया। कांग्रेस के हरीश चौधरी ने कहा कि बीमा क्षेत्र में विकास की काफी गुंजाइश है और अच्छे विधेयक के माध्यम से सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने किसानों, मजदूरों के लिए भी जीवन बीमा की योजनाओं को बढ़ाने की बात कही। बसपा के रमाशंकर राजभर ने कहा कि फर्जी बीमा कंपनियों पर निगरानी रखी जानी चाहिए।