खास बातें
- विजय माल्या की इस एयरलाइन पर भारी कर्ज है और कमर्चारियों के कंपनी छोड़ने की समस्या से भी इसे दो चार होना पड़ रहा है।
मुंबई: घाटे के संकट से उबरने के लिए किंगफिशर के बोर्ड की मंगलवार को फिर से बैठक हुई। बैठक के बाद कंपनी के मालिक विजय माल्या ने कहा कि कंपनी बंद नहीं की जाएगी। इसके अलावा उनका कहना था कि सरकार को टैक्स कम करना चाहिए। देर रात तक चली कंपनी के बोर्ड की बैठक बेनतीजा रही थी। विजय माल्या की इस एयरलाइन भारी कर्ज है और कमर्चारियों के कंपनी छोड़ने की समस्या से भी इसे दो चार होना पड़ रहा है। इस संकट के कारण कंपनी पिछले कुछ दिनों से लगातार अपनी उड़ानें रद्द कर रही है। वहीं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने भी साफ किया है कि अगर किंगफिशर को कोई भी वर्किंग कैपिटल या कर्ज़ की मियाद में बढ़ोतरी चाहिए तो उसे पहले अपनी तरफ़ से कंपनी में पैसा डालना होगा। यानि इसके प्रमोटर विजय माल्या को अपनी जेब से कम से कम आठ सौ से हज़ार करोड़ रुपये लगाने होंगे। इस बात के कयास लगाए जा रहे है कि की कंपनी अपनी कुछ प्रॉपर्टी भी बेच सकती है। ऐसे में सबकी नज़रें कंपनी के मालिक विजय माल्या पर टिकी हैं कि वो किंगफ़िशर को संकट से निकालने का कौन सा रास्ता निकालते हैं।