यह ख़बर 17 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को नए उत्पाद की जरूरत : इंफोसिस

खास बातें

  • इंफोसिस के कार्यकारी सह-अध्यक्ष क्रिस गोपालकृष्ण ने कहा कि वर्ष 2020 तक 300 अरब डॉलर का राजस्व लक्ष्य पाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को नए उत्पाद बनाने और आय बढ़ाने के नए उपाय करने की जरूरत है।
बेंगलुरु:

इंफोसिस के कार्यकारी सह-अध्यक्ष क्रिस गोपालकृष्ण ने कहा है कि वर्ष 2020 तक 300 अरब डॉलर का राजस्व लक्ष्य पाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को नए उत्पाद बनाने और आय बढ़ाने के नए उपाय करने की जरूरत है।

उन्होंने बेंगलुरु आईटी डॉट बिज-2012 में संवाददाताओं से कहा, हमें एक प्रेरणादायक लक्ष्य तय करना चाहिए, ताकि हम अपनी क्षमता से अधिक काम कर सकें। हमें लीक से हटकर सोचना चाहिए और काम करने के नए तरीके ढूंढने चाहिए। क्रिस ने कहा कि उद्योग विस्तार कर रहा है और उसे आयात, सेवा और समाधान के नए तरीकों पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, उद्योग को उत्पाद तैयार करने के लिए एक व्यवस्था बनाने के बारे में सोचना चाहिए। यदि आप ये कदम उठाते हैं, तो मुझे भरोसा है कि हम 300 अरब डॉलर आय का लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उद्योग ने घरेलू बाजार पर ज्यादा जोर देना शुरू किया है और इंफोसिस ने बैंक, आयकर विभाग और कर्नाटक बिजली विभाग के साथ अच्छी परियोजनाओं पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, घरेलू कारोबार कंपनी के औसत कारोबार से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। एक सवाल के जवाब में क्रिस ने कहा कि केंद्र सरकार ई-गवर्नेंस परियोजनाओं पर 20,000 से 30,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है और यह पूरे उद्योग के लिए बड़ा मौका है। क्रिस ने यही वजह है कि केंद्र सरकार हार्डवेयर क्षेत्र को प्रोत्साहन देना चाहती है, क्योंकि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो भारत को भारी मात्रा में इसका आयात करना पड़ेगा।

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एक अनुमान के अनुसार भारत को 300 अरब डॉलर का हार्डवेयर आयात करना होगा। यदि आप घरेलू स्तर पर विनिर्माण सुविधाएं खड़ी करते हैं, तो इससे एक तो हमारा आयात कम होगा और दूसरे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।