नई दिल्ली: एक पुरानी कहावत है चौबे गए छब्बे बनने, दूबे बनकर लौटे। कुछ ऐसा ही IRCTC के साथ हुआ। कुछ महीने पहले IRCTC ने ट्रेन रद्द होने पर मुसाफिरों को उसकी जानकारी एसएमएस के जरिए देने की पहल की शुरुआत की, लेकिन ये पहल IRCTC पर भारी पड़ गया। बात उस वक्त की है जब एक तरफ गुर्जर रेलवे ट्रैक पर जमे थे और दूसरी तरफ रोजाना कई ट्रेनें कैंसिल हो रही थी। इसी बीच 28 मई को IRCTC ने यात्रियों को 390 ट्रेनें कैंसल होने का मैसेज तो भेजा लेकिन इनमें से 91 गाड़ियां कैंसल नहीं थी। मैसेज की वजह से करीब 7 से 8 हज़ार लोगों ने अपने टिकट कैंसल करवा लिए।
IRCTC के प्रवक्ता संदीप दत्ता बताते हैं कि ऐसा कन्फ्यूजन की वजह से हुआ। रेलवे ट्रेन चलाती है और IRCTC इंटरनेट के जरिए टिकट बेचती है। तालमेल की कमी के चलते 34 हजार मुसाफिरों को गलत एसएमएस चले गए। अब हम इसका भुगतान करेंगे।
गलत मैसेज की वजह से IRCTC को करीब 15 लाख रुपये की चपत लगी है जिसका भुगतान वो मुसाफिरों को करेगी, लेकिन मुसाफिरों को बकाया पैसे मिलने में 2-3 महीने का वक्त लगेगा। 28 मई को एक लाख से ज्यादा यात्रियों कैंसिलेशन का मैसेज भेजा गया। इसमें 34 हजार लोगों की ट्रेन रद्द नहीं हुई थी। इस गलती के बाद फिलहाल IRCTC ने कैंसिलेशन मैसेज भेजना बंद कर दिया है।