खास बातें
- सीएमआईई का मानना है कि खाद्य मुद्रास्फीति तथा कपड़ा उत्पादों में नरमी से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति घटकर औसतन सात फीसदी रहेगी।
मुंबई: शोध संस्थान सीएमआईई का मानना है कि खाद्य मुद्रास्फीति तथा कपड़ा उत्पादों में नरमी से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2012 में घटकर औसतन सात प्रतिशत रहेगी। सेंटर फार मोनिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) ने देश की अर्थव्यवस्था की ताजा समीक्षा में कहा है, 'हमारा अनुमान है कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 2011-12 में नरम होकर औसतन सात प्रतिशत रहेगी। चालू वित्त वर्ष 2010-11 में इसका औसत नौ प्रतिशत रहने का अनुमान है।' इसके अनुसार खाद्य उत्पादों की मुद्रास्फीति में नरमी तथा कपड़ा उत्पादों के दाम घटने का सकारात्मक असर मुद्रास्फीति पर रहेगा। इसके अनुसार वित्त वर्ष 2012 में खाद्य उत्पादों की मुद्रास्फीति औसतन 6.7 प्रतिशत रहेगी। सीएमआईई का कहना है कि 2010-11 में इसके 16.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि 2009-10 में यह 15.3 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2011 में खाद्य उत्पादों की ऊंची कीमत का कारण उनकी भारी मांग था।