खास बातें
- जनवरी में देश की औद्योगिक वृद्धि दर घटकर 3.7 प्रतिशत पर आ गई जो बीते वर्ष की इसी माह में 16.8 प्रतिशत थी।
नई दिल्ली: जनवरी में देश की औद्योगिक वृद्धि दर घटकर 3.7 प्रतिशत पर आ गई जो बीते वर्ष की इसी माह में 16.8 प्रतिशत थी। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण (कारखाना) क्षेत्र, विशेषकर मशीन उपकरण बनाने वाली इकाइयों के फीके काम की वजह से यह गिरावट आई है। वैसे जनवरी, 2011 में औद्योगिक वृद्धि दिसंबर,10 से बेहतर दिखती है। दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत थी जो बाद में संशोधित कर 2.53 प्रतिशत कर दी गई। जनवरी में विनिर्माण उद्योग की वृद्धि दर एक साल पहले के 17.9 प्रतिशत की तुलना में केवल 3.3 प्रतिशत रह गई। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों अप्रैल-जनवरी 2010-11 में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले इसी अवधि के 9.5 प्रतिशत की तुलना में 8.3 प्रतिशत रही। इसमें विनिर्माण क्षेत्र के अलावा बिजली और खनिज क्षेत्र का उत्पादन सूचकांक भी शामिल किया जाता है। इस बार जनवरी में पूंजीगत सामान बनाने वाले उद्योगों का उत्पादन एक साल पहले की तुलना में 18.6 प्रतिशत की भारी गिरावट में रहा। जनवरी,10 में इस क्षेत्र ने 57.9 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया था। इसी दौरान गैर टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाली इकाइयों की उत्पादन वृद्धि सुधरकर 6.9 प्रतिशत रही जबकि पिछले वर्ष इसी माह इस क्षेत्र का उत्पादन सात प्रतिशत घट गया था। इस दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.6 प्रतिशत संकुचित हुआ जबकि बिजली उत्पादन में 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल जनवरी में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 15.3 प्रतिशत और बिजली उत्पादन में 5.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। जनवरी 2011 में कुल 17 प्रकार के उद्योगों में 14 में उत्पादन का विस्तार हुआ।