यह ख़बर 08 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

भारत-पाक व्यापार में आ सकती है तेजी

खास बातें

  • पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के रविवार के भारत दौरे के साथ ही विशेषज्ञों ने अनुमान व्यक्त किया है कि राजनीतिक पहल के माध्यम से और अवरोध हटाकर दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आ सकती है।
नई दिल्ली:

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के रविवार के भारत दौरे के साथ ही विशेषज्ञों ने अनुमान व्यक्त किया है कि राजनीतिक पहल के माध्यम से और अवरोध हटाकर दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आ सकती है।

विशेषज्ञों ने कहा है कि पिछले वर्ष से दोनों पक्ष व्यापारिक सम्बंधों को सामान्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अटारी-वाघा सीमा पर एक नई एकीकृत सीमा चौकी के खुलने से दोनों देशों के बीच व्यापार में और तेजी आ सकती है।

इस नई सीमा चौकी का विधिवत उद्घाटन 13 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम करेंगे।

सार्क चैम्बर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कूटनीतिक सम्बंधों के सामान्य होने से भी क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आठ सदस्यीय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के अधिक से अधिक आर्थिक एकीकरण का रास्ता साफ होगा।

साहनी ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा भारत को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा दिए जाने के बाद दक्षेस व्यापार क्षेत्र के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा।" भारत ने पाकिस्तान को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में ही दे दिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।

दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।

दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।

खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।

शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।

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फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।