यह ख़बर 21 जून, 2013 को प्रकाशित हुई थी

देश में रोजाना 17 रुपये में जिंदगी बिताते हैं निपट गरीब : सर्वे

खास बातें

  • राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय ने कहा है कि देश के ग्रामीण इलाकों में सबसे निर्धन लोग औसतन महज 17 रुपये प्रतिदिन और शहरों में सबसे निर्धन लोग 23 रुपये प्रतिदिन में जीवन यापन करते हैं।
नई दिल्ली:

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) ने कहा है कि देश के ग्रामीण इलाकों में सबसे निर्धन लोग औसतन महज 17 रुपये प्रतिदिन और शहरों में सबसे निर्धन लोग 23 रुपये प्रतिदिन में जीवन यापन करते हैं।

वर्ष 2011-12 (जुलाई-जून) से संबद्ध आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में निचले स्तर पर पांच प्रतिशत आबादी का प्रति व्यक्ति औसत मासिक खर्च 521.44 रुपये रहा, जबकि शहरी इलाकों में यह 700.50 रुपये रहा।

वहीं दूसरी ओर, आबादी के शीर्ष पांच प्रतिशत का प्रति व्यक्ति मासिक खर्च ग्रामीण इलाकों में 4,481 रुपये, जबकि शहरी इलाकों में 10,282 रुपये रहा। एनएसएसओ की विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसका 68वां सर्वेक्षण ग्रामीण इलाकों में 7,496 गांवों और शहरों में 5,263 इलाकों के नमूनों पर आधारित है।

अखिल भारतीय स्तर पर औसतन प्रति व्यक्ति मासिक खर्च ग्रामीण इलाकों में करीब 1,430 रुपये, जबकि शहरी इलाकों में 2,630 रुपये रहा। एनएसएसओ ने कहा, इस प्रकार से शहरी इलाकों में औसत प्रति व्यक्ति मासिक खर्च, ग्रामीण इलाकों के मुकाबले करीब 84 प्रतिशत अधिक रहा।

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ग्रामीण भारतीयों ने 2011-12 के दौरान खाद्य पर आय का औसतन 52.9 प्रतिशत खर्च किया, जिसमें मोटे अनाज पर 10.8 प्रतिशत, दूध और दूध से बने उत्पादों पर 8 प्रतिशत, पेय पर 7.9 प्रतिशत और सब्जियों पर 6.6 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। गैर-खाद्य वस्तुओं के वर्ग में खर्च में घरेलू उद्देश्यों के लिए ईंधन और बिजली (परिवहन खर्च छोड़कर) पर खर्च आठ प्रतिशत, कपड़ा एवं जूता-चप्पल पर सात प्रतिशत, दवा इलाज पर 6.7 प्रतिशत, शिक्षा पर 3.5 प्रतिशत खर्च किया गया।