भारत, अमेरिका व्यापारिक टकराव की ओर अग्रसर

ओबामा और मोदी की फाइल फोटो

वाशिंगटन:

भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में जल्द ही खटास आ सकती है। छिटपुट विवादों की वजह से दोनों देश व्यापार युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं। 'फॉरेन पॉलिसी' पत्रिका ने इस बात की जानकारी दी है।

पत्रिका ने सोमवार को कहा कि पिछले महीने राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा और उसके पहले सितंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाशिंगटन दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ रही दोस्ती का प्रमाण रहा है।

पत्रिका ने आगे कहा है, "लेकिन पीछे मुड़ कर इस घनिष्ठता को देखने पर पता चलेगा कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों का यह युग अल्पकालिक हो सकता है। क्योंकि अमेरिका और भारत के बीच छोटे-छोटे विवाद दोबारा चर्चा का केंद्र बन सकते हैं।"

'फॉरेन पॉलिसी' के मुताबिक, "दोनों देशों के बीच प्रमुख समस्याओं में विभिन्न व्यापक व्यापार प्राथमिकता हो सकती है। क्योंकि दोनों ही देश वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी हैं और बड़े स्तर पर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके व्यापार और कामगारों की बाजार में बड़े स्तर पर हिस्सेदारी हो।"

अन्य मुख्य बाधाओं में भारत की घरेलू खरीदी आवश्यकताओं में व्यापार असहमति है। क्योंकि सौर बैटरी, मॉड्यूल और बौद्धिक संपदा सुरक्षा (आईपीपी) पर उनके रुख से विवाद की स्थिति बन सकती है।

प्रस्तावित ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप (टीपीपी) के तहत आईपीपी मुद्दा बना हुआ है। टीपीपी एशिया प्रशांत क्षेत्र के 12 देशों के बीच किया गया मुक्त व्यापार समझौता है, जो विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई है।

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मौजूदा समय में भारत और चीन दोनों ही टीपीपी से बाहर हैं।