खास बातें
- वाहन कंपनी जनरल मोटर्स इंडिया के अधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक कर राज्य में और निवेश पर चर्चा की।
अहमदाबाद: वाहन कंपनी जनरल मोटर्स इंडिया के अधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक कर राज्य में और निवेश पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जबकि कंपनी के हलोल कारखाने में श्रमिकों की नौ दिन से हड़ताल जारी है। इस हड़ताल के कारण कंपनी को 700 से अधिक कारों का उत्पादन नुकसान हो चुका है। कंपनी ने लगभग 250 हड़ताली श्रमिकों को शुक्रवार शाम तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि नहीं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर जीएम इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने बताया, हां, हमने उनसे तथा अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। लेकिन यह बैठक राज्य में और निवेश के बारे में थी तथा हड़ताल से पहले ही तय हो गई थी। उन्होंने कहा, निसंदेह, मुख्यमंत्री ने हड़ताल के बारे में जानकारी चाही। सरकार इस मुद्दे को लेकर काफी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है और कारखाने के आसपास धारा 144 लगा दी है। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एके शर्मा ने इस बैठक के बारे में टिप्पणी से इनकार किया। उल्लेखनीय है कि कंपनी के हलोल कारखाने के श्रमिकों ने पुराने वेतन समझौते का विरोध करते हुए 16 मार्च को हड़ताल शुरू की थी। कारखाने में एक पंजीबद्ध यूनियन जीएम इंपलायज यूनियन है। कंपनी का दावा है कि इंटक के संरक्षण में गठित एक नयी यूनियन इस आंदोलन को हवा दे रही है। हड़ताल के बारे में बालेंद्रन ने कहा, लगभग 250 कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं। हमने हड़ताली श्रमिकों को अल्टीमेटम देकर कल तक काम पर आने को कहा है। अगर वे नहीं आते तो हम उनकी सेवाओं को समाप्त भी कर सकते हैं।